मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार WagonR Flex Fuel की कीमत से पर्दा हटा दिया है। कंपनी ने इस खास मॉडल की कीमत 7,23, 900 रुपये (एक्स-शोरूम) तय की है। यह देश की पहली बड़े पैमाने पर तैयार की गई फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार मानी जा रही है, जो पेट्रोल के साथ उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर भी चल सकती है। कंपनी ने अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार को इसी महीने 4 जून को पेश किया था। हालांकि, कीमत की तुलना करें तो इस कार के पेट्रोल वेरिएंट की शुरुआती कीमत 4,98,500 रुपये पड़ती है।
मारुति सुजुकी फ्लेक्स फ्यूल कार
क्या है फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाली गाड़ियां पेट्रोल और इथेनॉल के अलग-अलग मिश्रणों पर चलने में सक्षम होती हैं। WagonR Flex Fuel को E20 से लेकर E100 तक के इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए तैयार किया गया है। इसका मतलब है कि यह कार 20% से 100% तक इथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल कर सकती है। यह तकनीक भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इंजन में किए गए खास बदलाव
नई WagonR Flex Fuel में 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन का अपडेटेड एडिशन दिया गया है, जिसे उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के अनुकूल बनाया गया है। इसके लिए इंजन और फ्यूल सिस्टम में तकनीकी बदलाव किए गए हैं ताकि वाहन विभिन्न प्रकार के इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों पर बेहतर प्रदर्शन कर सके।
डिजाइन और फीचर्स में क्या मिलेगा?
डिजाइन के मामले में WagonR Flex Fuel काफी हद तक मौजूदा WagonR जैसी ही दिखाई देती है। इसमें वही टॉल-बॉय स्टाइल, बड़ा केबिन और प्रैक्टिकल डिजाइन बरकरार रखा गया है। हालांकि, इसे पहचानने के लिए कार पर विशेष Flex Fuel बैज दिया गया है।
फीचर्स की बात करें तो इसमें 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट, स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल, पावर विंडो, इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल ORVM और मैनुअल एयर कंडीशनिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं।
सुरक्षा पर भी दिया गया ध्यान
मारुति ने इस मॉडल में सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। कार में 6 एयरबैग, ABS के साथ EBD, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), हिल होल्ड असिस्ट, रियर पार्किंग सेंसर और सभी यात्रियों के लिए सीटबेल्ट रिमाइंडर जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
इथेनॉल इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा मजबूत
फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार भी अपने स्तर पर बड़ी तैयारी कर रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में जानकारी देते हुए बताया था कि देश में वर्ष 2026 के अंत तक लगभग 500 इथेनॉल डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और 2027 तक इनकी संख्या 5,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
