Indias First Pod Taxi Project: भारत में पहला पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू होने वाला है जिसे पर्सनलाइज्ड रैपिड ट्र्रांजिज कहा जा रहा है। ये प्रोजेक्ट फिल्म सिटी से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्ट करेगा और इसके लिए जल्द ही टेंडर्स जारी किए जाने वाले हैं। इसके अलावा देशभर के अलग-अलग शहरों में 18 और प्रोजेक्टर पर काम शुरू होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों की मानें तो इस प्रोजेक्ट पर डिटेल्ड रिपोर्ट उत्तरप्रदेश सरकार को सौंपी जाने वाली है।
अधिकारियों की मानें तो इस प्रोजेक्ट पर डिटेल्ड रिपोर्ट उत्तरप्रदेश सरकार को सौंपी जाने वाली है।
कहां-कहां काम कर रही पॉड टैक्सी
दुनियाभर की पांच जगहों पर फिलहाल पॉड टैक्सी काम कर रही है। इनमें यूएस का मॉर्गनटाउन, लंदन का हेथरो एयरपोर्ट, यूएई की मसदर सिटी, दक्षिण कोरिया के सुनचॉन और चीन के टिआनफु एयरपोर्ट शामिल हैं। यूपी सरकार द्वारा डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर अनुमति मिलने के बाद संभवतः जून 2023 तक करीब 800 करोड़ रुपये के टेंडर बुलाए जा सकते हैं।
क्या होती है पॉड टैक्सी
पॉड टैक्सी छोटे साइज का ऑटोमेटेड वाहन होता है जो सीमित संख्या में यात्रियों को तेजी और आसानी से डेस्टिनेशन तक पहुंचाता है। ये इलेक्ट्रिक वाहन होता है और सामान्य सड़कों से अलग एक खास ट्रैक पर चलाया जाता है। पॉड टैक्सी में पॉइंट टू पॉइंट सिस्टम चलता है और अधिकारियों का कहा है कि इस ट्रैक में कुल 12 स्टेशंस होंगे। इसे फिल्म सिटी से जेवर एयरपोर्ट तक चलाया जाएगा, इस बीच हेंडिक्राफ्ट पार्क, अपेरल पार्क, सेक्टर 29 में एमएसएमई पार्क, सेक्टर 32 में इंडस्ट्रियल यूनिट्स, सेक्टर 33 में टॉय पार्क और सेक्टर 21 में फिल्म सिटी आएंगे।
यात्रियों को होगी बहुत आसानी
पॉड टैक्सी का ट्रैक सामान्य सड़कों से करीब 100 मीटर हाइट पर होगा और इस ट्रैक्स को सेक्टर्स के बीच से इस तरह प्लान किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल आसानी से कर सकें। अखिकारियों की मानें तो रोजाना 35,000 से ज्यादा यात्री इस सर्विस का इस्तेमाल करेंगे।
