Agra पहुंची प्रियंका ने की अरुण वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात, पुलिस हिरासत में हुई थी अरुण की मौत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 21, 2021, 06:45 AM IST

यूपी पुलिस की हिरासत के दौरान जिस सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि की मौत हो गई थी, उन्हीं के परिजनों से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार शाम को मुलाकात की।

Agra पहुंची प्रियंका ने की अरुण वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात, पुलिस हिरासत में हुई थी अरुण की मौत
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आगरा: सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि (Arun Valmiki) की पुलिस हिरासत में मौत की घटना के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने बुधवार को आगरा पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इससे पहले अरुण के परिजन से मिलने जाते वक्त लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर रोकी गई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को शाम को जाने की इजाजत दे दी गई। अरुण के परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने केंद्र तथा यूपी सरकार पर निशाना साधा।

पत्नी के सामने की गई अरुण की पिटाई- प्रियंका

प्रियंका गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैं अरुण वाल्मीकि के परिवार से मिली। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि इस सदी में किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है। उन्होंने मुझे बताया है कि वाल्मीकि समुदाय के 17-18 लोगों को अलग-अलग जगहों से उठाकर थाने ले जाया गया। उन्हें बेरहमी से पीटा गया। जो मुझसे कहा गया था, मैं वह भी बता भी नहीं सकती हूं। पत्नी के सामने अरुण को पीटा गया। रात के करीब 2 बजे उसके भाई उससे मिले और वह उस समय ठीक था। करीब 2.30 बजे उन्हें बताया गया कि उनकी मौत हो चुकी है। परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दी गई।'

मिले उचित मुआवजा

प्रियंका ने ट्वीट कर सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा,‘किसी को पुलिस हिरासत में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है? आगरा पुलिस की हिरासत में अरुण वाल्मीकि की मौत की घटना निंदनीय है। भगवान वाल्मीकि जयंती के दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके संदेशों के खिलाफ काम किया है। मामले में उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और आरोपी पुलिस वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए।’

प्रशासन ने किया ये वादा

आपको बता दें कि आगरा के जगदीशपुरा थाना के मालखाने से 25 लाख रुपये चुराने के आरोपी व्यक्ति की कथित रूप से पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में प्रशासन ने बुधवार को पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को सफाईकर्मी की नौकरी देने का वादा किया है। वहीं, वाल्मीकि समुदाय के लोग अरुण के मृत्यु के मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।

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