कोविड के खिलाफ आगरा की 9 सूत्री रणनीति, कमांड एंड कंट्रोल केंद्र करेगा निगरानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 23, 2020, 05:41 PM IST

कोविड-19 से निपटने के लिए आगरा प्रशासन ने खास तैयारी की है जिसमें नौ सूत्री रणनीति शामिल है।

कोविड के खिलाफ आगरा की 9 सूत्री रणनीति, कमांड एंड कंट्रोल केंद्र करेगा निगरानी

आगरा: कोविड-19 मामलों में जुलाई में ताजा बढ़ोतरी के बाद आगरा प्रशासन ने आगामी सप्ताह में इस महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नौ सूत्री रणनीति तैयार की है। इसमें प्रभावी परीक्षण, फॉलोअप, संपर्क ट्रेसिंग, कोविड अस्पतालों की रैंडम मॉनीटरिंग, कोविड मामलों के अस्पतालों में त्वरित स्थानांतरण, बेहतर एम्बुलेंस सेवा, सभी क्षेत्रों में सप्ताहांत सेनिटाइजेशन, सुविधालयों में हर दिन खाद्य आपूर्ति और स्वच्छता की समीक्षा, कोविड मरीजों के भर्ती के और डिस्चार्ज मिलने के वास्तविक समय की रिकॉर्डिग शामिल है।

डिविजनल आयुक्त अनिल कुमार ने कहा कि सभी सरकारी विभागों को नौ-सूत्री रणनीति के साथ आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है।जिला मजिस्ट्रेट पी.एन. सिंह ने कहा कि कमांड एंड कंट्रोल केंद्र द्वारा रणनीति की निगरानी और निर्देशन किया जाएगा, जो चौबीसों घंटे चालू रहेगी। वहीं रणनीति की देखरेख छह सदस्यीय समिति करेगी, जिसमें सीडीओ, एडीएम सिटी, सीएमओ, एसपी सिटी, डीपीआरओ, अतिरिक्त आयुक्त शामिल हैं।

वहीं जिला प्रशासन ने पहले ही होम आइसोलेशन के लिए दिशानिर्देशों को जारी किया है। इन पर सख्ती से नजर रखी जाएगी। आईएमए ने परामर्श, दवाइयां, टेस्ट किट आदि प्रदान करने के लिए प्रतिदिन 600 रुपये का पैकेज पेश किया है।आगरा में एक और मौत के साथ संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 95 हो गई है। इसके अलावा बीते 24 घंटों में रिपोर्ट किए गए ताजा मामलों की संख्या 21 है। अब कंटेनमेंट जोन की संख्या 84 हो गई है। अब तक 36,947 नमूने एकत्र किए गए हैं। सक्रिय मामलों की संख्या 179 है। वहीं रिकवरी दर 82.47 प्रतिशत पर बना हुआ है।

जिला प्रशासन ने 13 निजी अस्पतालों में एंटीजेन टेस्ट की अनुमति दी है। संदिग्ध मामलों की तुरंत पहचान के लिए घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की 60 से अधिक टीमों ने हॉट स्पॉट में 5,837 घरों का सर्वेक्षण किया। प्रशासन के लिए प्रमुख चिंता का विषय है बारिश के मौसम में संक्रमण को नियंत्रण में रखना या यूं कहें कि जब तक महामारी के लिए एक प्रभावी एंटीडोट उपलब्ध न हो जाए तब तक के लिए। वहीं कथित तौर पर सप्ताहांत लॉकडाउन संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर रहा है। एक विकास कार्यालय के अधिकारी ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी अभियान और सेनिटाइजेशन से अब लाभ मिल रहा है। ग्रामीण अब खुद ही अपने स्तर पर निगरानी रख रहे हैं और अजनबियों या बाहरी लोगों को गांवों में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं।

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