Rishi Sunak को अमावस की रात मिला PM का तख्त, पर क्या मिटा पाएंगे UK का 'आर्थिक अंधेरा'?

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  • Updated Oct 30, 2022, 03:08 PM IST

महज सात साल के राजनीतिक करियर में सांसद से प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे ऋषि सुनक का जीवन किसी परीकथा से कम नहीं है। उन्होंने आने वाली परेशानियों को समय से पहले भांप लेने और हवा के बदलते रूख के अनुसार फैसले करने की अपनी आदत को उस वक्त भी नहीं छोड़ा जब वह प्रधानमंत्री पद की होड़ में लिज ट्रस से हार गए। वह जानते थे कि ट्रस के फैसले ब्रिटेन की जनता की आर्थिक समस्याओं को बढ़ाएंगे ही और तब वित्त मंत्री के तौर पर उनका तजुर्बा उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचाएगा।

आम तौर पर अगर किसी देश के नेता दूसरे देश में जाते हैं तो वहां की जनता के प्रति अपनापन दिखाने के लिए उनकी भाषा में अभिवादन करते हैं या एकाध जुमला बोलते हैं। जैसे भारत आने वाले विदेशी मेहमान अकसर ‘‘नमस्ते’’ या ‘‘आप कैसे हैं’’ कहकर हमारे देश की संस्कृति निभाते हैं, लेकिन आने वाले समय में जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत आएंगे तो हो सकता है कि वह हिंदी या पंजाबी में बात करने के साथ ही आरती या गायत्री मंत्र भी सुना दें।

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारतीय मूल के हैं। (AP)

पिछले कुछ समय में पूरी दुनिया ने देखा कि वह पूरी श्रद्धा से गाय की पूजा करते हैं, हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं, माथे पर टीका लगाते हैं, कलाई पर कलावा बांधते हैं, दीवाली पर 10 डाउनिंग स्ट्रीट की दहलीज पर दीप जलाते हैं, पूजा करते हैं, पूरे गर्व से खुद को हिंदू बताते हैं और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद उस देश की जनता को मौजूदा आर्थिक तंगी से निकालने का वचन देते हैं।

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