Who Is Hamam Al Hammami : बीते 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वॉल स्ट्रीट जनरल (WSJ) की रिपोर्ट में हमलावर को-पायलट की पहचान उजागर की गई है। हमलावर को-पायलट का नाम हमाम अल हम्मामी है और इसकी उम्र 29 साल बताई गई है। रिपोर्ट में दावा है कि हम्मामी की कट्टरपंथी विचारधारा को देखते हुए ओमान ने उस पर विमान उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया था। इस बैन के बावजूद दुबई-तेल अवीव सहित अन्य हवाई मार्गों पर विमान उड़ाने के लिए फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर था।
ओमान का नागरिक है हमाम अल हम्मामी।
अधिकारियों ने ABC न्यूज को बताया कि हम्मामी 2024 में ओमान एयर में को-पायलट ट्रेनी के रूप में काम कर रहा था। यहां जब वह काम कर रहा था तो उसके पास से चरमपंथी सामग्री बरामद हुई थी। सूत्रों का कहना है कि इस बरामदगी के बाद भी वह एयरलाइन में एक प्रशासनिक भूमिका निभा रहा था।
इरादा प्लेन को इजराइल में क्रैश कराना था!
रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि हमलावर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट उड़ाने की इजाजत कैसे दी गई। यही नहीं तेल अवीव जाने वाले विमान में वह फर्स्ट ऑफिसर कैसे बन गया, अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं। सऊदी अरब ने गुरुवार को हम्मामी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि वह जांच में अधिकारियों का सहयोग कर रहा है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में हम्मामी ने संकेत दिया है कि उसका इरादा प्लेन को इजराइल में क्रैश कराना था।
UAE में हुआ हम्मादी का जन्म
रिपोर्टों में बताया गया है कि सीरिया में रहते हुए वह कट्टरपंथी विचारधारा के करीब आया। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक विमान उड़ाने पर प्रतिबंध लग जाने के बाद उसने ओमान छोड़ दिया था। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद हम्मामी ने अपना ज्यादातर समय दूसरे देशों खासकर सीरिया में बिताया और दोबारा यूएई वापस आने से पहले वह चरमपंथी विचारधारा से काफी प्रभावित हुआ। एक अन्य सूत्र ने CNN को बताया कि हम्मामी का जन्म यूएई में हुआ। उसके पिता ओमान और माता सीरिया की हैं।
बीते 8 महीनों से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहा था
वह यूएई में कई वर्षों तक रह चुका है। इजराइल के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि फ्लाईदुबई के साथ काम करते हुए उसे बस आठ महीने ही हुए थे जबकि एक अन्य सूत्र ने कहा कि वह पहले रॉयल एयर मारोक के साथ भी काम कर चुका है। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि ओमान एक देश के रूप में इजराइल को मान्यता नहीं देता है, ऐसे में तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में एक ओमानी नागरिक को को-पायलट के रूप में भेजने की इजाजत कैसे दी गई?
किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं थी
इजराइल के एक अधिकारी ने CNN को बताया कि फ्लाइट के चालक दल के सदस्यों में हम्मामी कैसे शामिल हुआ, इस बात की जांच शिन बेट, मोसाद, सैन्य एवं परिवहन मंत्रालय सहित अन्य एजेंसियां कर रही हैं। इससे पहले I24 न्यूज ने एक अमीराती सूत्र के हवाले से हा कि हम्मामी के पास से 'फ्री पेलेस्टाइन' समूह से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। I24 न्यूज के मुताबिक हम्मामी ने फिलिस्तीन के प्रति लगातार अपना समर्थन और इजराइल के प्रति अपनी नफरत का इजहार करता आया था। यरूशलम पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हम्मामी के पास किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं थी।
30 सितंबर को क्या हुआ था
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान एफजेड1073 के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने मच्छार पर चाकू से हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। हालांकि, मच्छार ने घायल अवस्था में भी हमलवार का वीरता से मुकाबला करते हुए विमान गिराने के उसके प्रयास को विफल कर दिया। एफआईपी ने पत्र में कहा, 'खबरों के अनुसार, बुरी तरह घायल होने और बेहद खतरनाक स्थिति का सामना करने के बावजूद, कैप्टन स्मित ने पायलट के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रखा।’पत्र में कहा गया, 'यदि भारत सरकार इस असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मानित करती है तो फेडरेशन को खुशी होगी।’ एफआईपी ने स्मित को उपयुक्त 'राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार’ देने पर विचार करने का अनुरोध किया।
