ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन के बाद लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहैम ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया है। 56 वर्षीय बर्नहैम ने कीर स्टार्मर का स्थान लिया, जिन्होंने प्रधानमंत्री पद से छोड़ने के बाद किंग चार्ल्स तृतीय को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने पर बकिंघम पैलेस ने बर्नहैम को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था।
प्रधानमंत्री बनने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर एंडी ने अपना पहला संबोधन भी दिया। इसमें बर्नहैम ने राजनेताओं से बेहतर काम करने की अपील ती। उन्होंने यह भी वादा किया कि उनकी सरकार उस व्यवस्था में "सर्किट ब्रेकर" साबित होगी, जो उनके अनुसार 1980 के दशक के बाद कई गलत दिशाओं में चली गई।
कौन हैं एंडी बर्नहैम?
56 वर्षीय एंडी बर्नहम की गिनती लेबर पार्टी के सबसे अनुभवी नेताओं में होती है। उनका राजनीतिक करियर दो दशकों से अधिक समय तक फैला हुआ है और इसमें सरकार के शीर्ष स्तर पर काम करने के साथ-साथ इंग्लैंड के सबसे महत्वपूर्ण शहर-क्षेत्रों में से एक का लगभग एक दशक तक नेतृत्व करने का अनुभव शामिल है। कई समकालीन नेताओं के विपरीत, जिनकी पहचान केवल वेस्टमिंस्टर की राजनीति से जुड़ी है, बर्नहम की राजनीतिक पहचान दो अलग-अलग चरणों में विकसित हुई। उनके करियर का पहला चरण राष्ट्रीय राजनीति में उनका उदय था। 2001 में ली से लेबर सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने पार्टी में तेजी से अपनी पहचान बनाई।
कई महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं बर्नहैम
टोनी ब्लेयर और गॉर्डन ब्राउन की लेबर सरकारों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पद संभाले। इनमें ट्रेजरी के चीफ सेक्रेटरी, संस्कृति मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जैसे पद शामिल थे। लेबर में उनकी बढ़ती पहचान के चलते उन्होंने 2010 में पार्टी नेतृत्व के लिए दावेदारी पेश की, लेकिन असफल रहे। पांच साल बाद 2015 में भी उनका दूसरा प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने वेस्टमिंस्टर की राजनीति में बने रहने के बजाय एक अलग रास्ता चुना। 2017 में उन्होंने संसद छोड़ दी और ग्रेटर मैनचेस्टर के पहले सीधे निर्वाचित मेयर का चुनाव जीता। यही फैसला उनके राजनीतिक कद को नई ऊंचाइयों तक ले गया।
इस परियोजना के तहत किराए की अधिकतम सीमा तय की गई और लंदन की तरह एकीकृत परिवहन नेटवर्क विकसित करने की कोशिश की गई। इन उपलब्धियों ने बर्नहम की छवि एक ऐसे प्रशासक के रूप में बनाई जो सिर्फ राष्ट्रीय बहसों का हिस्सा नहीं बनता, बल्कि जमीन पर परिणाम भी देता है। इसी दौरान उन्हें 'किंग ऑफ द नॉर्थ' का उपनाम मिला, जो उनके क्षेत्रीय प्रभाव और केंद्र सरकार के फैसलों को चुनौती देने की उनकी क्षमता को दर्शाता है।
ब्रिटेन में क्यों हुआ सत्ता परिवर्तन
बता दें कि ब्रिटेन में 2024 में आम चुनाव हुए थे, इनमें लेबर पार्टी ने भारी बहुमत हासिल किया था और कीर स्टार्मर प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन करीब दो साल बाद 22 जून को उन्होंने पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। उनके इस्तीफे की बड़ी वजह उनकी कई राजनीतिक गलतियों को माना जा रहा है। इनमें सबसे सबसे प्रमुख उनका यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के करीबी व्यक्ति को संयुक्त राज्य अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के रूप में नियुक्त करने का निर्णय था। कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी ने अपने नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें एंडी बर्नहैम सबसे आगे थे। बर्नहैम को लेबर पार्टी के 401 सांसदों में से 349 का समर्थन मिला और एक विशेष पार्टी सम्मेलन में उन्हें लेबर पार्टी का नेता घोषित किया गया।
ब्रिटेन में अगला आम चुनाव कब होगा?
ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 तक किसी भी समय निर्धारित संवैधानिक समयसीमा के भीतर कराया जा सकता है, क्योंकि पिछला आम चुनाव 2024 में हुआ था। हालांकि यदि सरकार बहुमत खो देती है, संसद भंग हो जाती है या समय से पहले चुनाव कराने का फैसला होता है, तो चुनाव इससे पहले भी हो सकते हैं।