हर साल आठ लाख यूरोपीय लोगों की जान ले रही शराब; डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, कहा-सतर्क हो जाएं वरना...

शराब से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में हृदय रोग, लिवर सिरोसिस, स्तन और आंत जैसे कैंसर, सड़क दुर्घटनाएं, हिंसा और आत्महत्या शामिल हैं। इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं और कामकाजी उम्र के लोगों पर पड़ रहा है, जिससे देशों की उत्पादकता घट रही है और स्वास्थ्य प्रणालियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।

शराब का बढ़ता सेवन यूरोप के लिए एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। हर साल करीब आठ लाख यूरोपीय लोगों की मौत शराब से जुड़ी बीमारियों और हादसों के कारण हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)ने यूरोप में शराब के बढ़ते और घातक प्रभावों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। WHO के अनुसार, यूरोप क्षेत्र में हर साल लगभग आठ लाख लोगों की मौत शराब के सेवन से जुड़ी बीमारियों और दुर्घटनाओं के कारण हो रही है। यह आंकड़ा न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा करता है,बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी गहरे प्रभावों को उजागर करता है।

शराब से हर साल लाखों लोग गंवा रहे अपनी जान।

शराब से हर साल लाखों लोग गंवा रहे अपनी जान।

1,45,000 लोग शराब के बाद एक्सीडेंट से मरे

रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 1,45,000 लोगों की मौत शराब के नशे में लगी चोटों की वजह से हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि शराब सेवन केवल स्वास्थ्य जोखिम नहीं,बल्कि सामाजिक और मानसिक अस्थिरता का भी बड़ा कारण बन चुका है। शराब का गहरा संबंध आपसी हिंसा,हमले और घरेलू हिंसा से है। पूरे यूरोप में हिंसक चोटों से होने वाली मौतों के पीछे शराब एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। वर्ष 2019 में करीब 26,500 मौतें आपसी हमलों के कारण हुईं,जिनमें से 40 प्रतिशत मामलों में शराब की भूमिका सामने आई।

डब्ल्यूएचओ/यूरोप में अल्कोहल, गैर-कानूनी ड्रग्स और जेल हेल्थ की रीजनल एडवाइजर कैरिना फरेरा-बोर्गेस ने बताया कि शराब एक जहरीली चीज है जो न सिर्फ 7 तरह के कैंसर और दूसरी नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियां (एनसीडी) पैदा करती है, बल्कि यह फैसले लेने और खुद पर कंट्रोल करने की क्षमता को भी कम करती है, रिएक्शन टाइम को धीमा करती है, तालमेल कम करती है और रिस्क लेने की आदत को बढ़ावा देती है।

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