Iran Girls Marriage Age: अमेरिका-इजरायल के चल रहे सैन्य हमलों (जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है) के लिए जनता के समर्थन को कम करने के लिए, ईरानी सरकारी मीडिया और उससे जुड़े बॉट नेटवर्क ने X, Telegram और TikTok जैसे प्लेटफॉर्म पर गलत सूचनाओं की बाढ़ ला दी है। वे जेफरी एपस्टीन से पश्चिमी नेताओं को जोड़ने वाले वायरल, AI-जनित डीपफेक वीडियो को जमकर फैला रहे हैं। रणनीति स्पष्ट है: पश्चिमी सरकारों को बाल यौन शोषण गिरोह के रूप में पेश करके दुनिया का ध्यान तेहरान में गिरती सरकार से हटाना। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि यह रणनीति वैचारिक प्रक्षेपण पर आधारित है, जिसमें दुश्मन पर ठीक उन्हीं नैतिक कमियों का आरोप लगाया जाता है जिन्हें आप छिपाना चाहते हैं। जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एपस्टीन से जुड़े होने और बच्चियों से कोई संबंध ना होने की बात कहते रहते हैं, लेकिन जब से मामले में उनका नाम है, इसने एक बड़ी चर्चा खड़ी कर दी है।
ईरान में बच्चियों की शादी की उम्र
खैर जहां एक ओर ईरानी प्रचारक पश्चिमी समाज की नैतिक डाउनफॉल पर उंगली उठाते हैं, वहीं ईरान का अपना कानूनी ढांचा एक बिल्कुल ही अलग कहानी बयां करता है। ईरानी नागरिक संहिता (Civil Code) के अनुच्छेद 1041 के तहत, लड़कियों के विवाह की कानूनी उम्र मात्र 13 वर्ष (और लड़कों के लिए 15 वर्ष) निर्धारित है। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि यदि पिता की सहमति हो और कोई सरकारी न्यायाधीश इसकी अनुमति दे दे, तो लड़कियों का विवाह इससे भी कम उम्र में यानी 8 वर्ष और 9 माह (नौ चंद्र वर्ष) की उम्र में भी किया जा सकता है।
यह सिर्फ किताबों में दर्ज कोई पुराना कानून भर नहीं है; बल्कि इसे सरकार की ओर से सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल की जांचों से पता चला है कि ईरान के आधिकारिक तौर पर लाइसेंस प्राप्त मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म जैसे कि 'आदम एंड हवा' (Adam and Eve) साइट माता-पिता को 12 और 13 साल तक के बच्चों के लिए भी आसानी से शादी के प्रोफाइल बनाने की अनुमति देते हैं। ये प्लेटफॉर्म सरकार के आशीर्वाद से काम करते हैं, और पारंपरिक परिवार बनाने की आड़ में, बाल-वधुओं के संस्थागत व्यापार को प्रभावी ढंग से डिजिटल और आधुनिक रूप दे रहे हैं।
चौंकाने वाले आंकड़े
इस कानूनी खामी की मानवीय कीमत बहुत ज्यादा है। ईरान के अपने ही सांख्यिकी केंद्र के अनुसार, हर साल 15 साल से कम उम्र की हजारों लड़कियों की कानूनी तौर पर शादी कर दी जाती है और उनमें से हजारों लड़कियां तो गाड़ी चलाने की उम्र तक पहुंचने से पहले ही मां बन जाती हैं। इसके अलावा, ईरान के मानवाधिकार वकील चेतावनी देते हैं कि ये सरकारी आंकड़े तो बस एक छोटा सा हिस्सा हैं, क्योंकि ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में धर्मगुरुओं द्वारा हजारों और बाल विवाह गुपचुप तरीके से करवा दिए जाते हैं, जिनका कोई सरकारी पंजीकरण नहीं होता।
