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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने बताया क्यों हुआ पाक क्रिकेट टीम का इतना बुरा हाल, कैसे कर सकते हैं वापसी

Sohail Tanvir On PAK Cricket Team's Poor Performance: लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट टीम मुश्किलों के दौर से गुजर रही है और इसका असर लगातार उनके प्रदर्शन में भी नजर आया है। पाक टीम के पूर्व तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर ने बताया क्या है इसके पीछे की वजह।

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पूर्व पाक क्रिकेटर ने बताई पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बुरे दौर की असल वजह

Photo : AP

पाकिस्तान क्रिकेट टीम काफी समय से लय से बाहर है और पहले जैसा रुतबा हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर ने बताए है इसके पीछे का मुख्य कारण और कैसे वो फिर से वापसी कर सकता है। तनवीर का मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट अपनी हालिया मुश्किलों की असली वजहों को पहचानकर और अपने घरेलू क्रिकेट सिस्टम में निरंतरता बनाए रखकर अपना पुराना गौरव वापस पा सकता है।

इमरान खान की कप्तानी में पाकिस्तान क्रिकेट ने ज़बरदस्त कॉम्पिटिशन, ऐतिहासिक द्विपक्षीय दबदबे और 1992 के यादगार ICC वनडे वर्ल्ड कप की जीत के साथ अपना सुनहरा दौर देखा था। हालांकि, हाल के सालों में टीम उसी स्तर की निरंतरता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।

पाकिस्तान को मिली कई करारी हार

पाकिस्तान को 2026 में कई टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा; मई में बांग्लादेश से 104 रनों से हार मिली और उसी महीने बाद में फिर 78 रनों से हार का सामना करना पड़ा। जुलाई में, वे वेस्टइंडीज से 90 रनों से हार गए। इसके बाद अगस्त में इंग्लैंड के खिलाफ़ लगातार तीन हार मिलीं - एक पारी और 103 रनों से, 194 रनों से और सितंबर में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा।

तनवीर ने बताया कैसे की जा सकती है वापसी

पाकिस्तान के क्रिकेट में गिरावट पर बात करते हुए तनवीर ने कहा कि हर क्रिकेट खेलने वाला देश ऐसे दौर से गुज़रता है और जोर देकर कहा कि मौजूदा गिरावट का मतलब यह नहीं है कि देश का क्रिकेट गौरव वापस नहीं आ सकता।

तनवीर ने ANI से कहा, "मेरी राय में, देखिए, हर क्रिकेट खेलने वाला देश ऐसे दौर से गुज़रता है। जैसा कि आपने अपने सवाल में सही कहा, 90 का दशक एक क्रिकेटर के तौर पर मेरे लिए सबसे अच्छा दौर था - उस समय मैं एक बच्चे के तौर पर बड़ा हो रहा था। हमने देखा कि पाकिस्तान ने कई महान खिलाड़ी दिए, और उनमें से हर एक असली मैच-विनर था। हालांकि, यह हमेशा नहीं रहता। जैसा कि कहा जाता है, कामयाबी का शिखर हमेशा के लिए नहीं रहता।"

उन्होंने आगे कहा, "अभी मुझे लगता है कि हमारे खिलाड़ियों का स्किल सेट शायद उतना ज़बरदस्त नहीं है जितना पहले हुआ करता था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह वापस नहीं आएगा। खेल में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं।"

तनवीर ने कहा कि प्राथमिकता पाकिस्तान के पतन की असली वजहों को पहचानने और उन्हें प्रभावी ढंग से दूर करने की होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हम इस गिरावट के पीछे की असल वजहों और कारणों को जल्द से जल्द सुलझा लेंगे। एक बार जब आप कारणों की सही पहचान कर लेते हैं और उन्हें दूर करने के लिए सक्रिय रूप से काम करते हैं, तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम एक बार फिर उस शानदार दौर को न देख सकें।"

घरेलू क्रिकेट में निवेश की जरूरत

जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट को घरेलू क्रिकेट में और निवेश करने की ज़रूरत है, तो तनवीर ने सहमति जताई, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि सिर्फ़ निवेश बढ़ाने से ज़्यादा ज़रूरी सिस्टम में निरंतरता बनाए रखना है।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने कहा, "सहमत हूं। लेकिन मेरी राय में, अगर हम अपने सिस्टम में निरंतरता बनाए रखते हैं, तो यही सबसे ज़रूरी है। ज़ाहिर है कि हर देश निवेश करता है, और हम भी करते हैं। अगर मैं अपने खेलने के दिनों की घरेलू सुविधाओं को देखूं, तो उनकी तुलना में आज की सुविधाएं शायद बेहतर हैं।"

बुरे हाल की ये है बड़ी वजह

तनवीर ने बताया कि घरेलू ढांचे में बार-बार बदलाव से अस्थिरता पैदा हुई है और उनका मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा मुश्किलों में इसका बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा, "सबसे जरूरी बात है सिस्टम में निरंतरता। हमारे मामले में, हमने अपने घरेलू सिस्टम में बहुत ज़्यादा छेड़छाड़ की है। मेरी नज़र में, आज जो गिरावट दिख रही है, उसकी असली वजह यही अस्थिरता है।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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