Yevgeny Prigozhin News: रूस की प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन की गुरुवार को विमान हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में उनके साथ विमान में सवार 10 लोग भी मारे गए। हालांकि, इस विमान हादसे को लेकर सवाल उठे हैं। रिपोर्टों में विमान हादसे के पीछे क्रेमलिन एवं रूसी सेना का हाथ होने की आशंका जाहिर की गई है। हालांकि, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना जाहिर की है। रूसी राष्ट्रपति ने प्रिगोझिन के बारे में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि 'येवगेनी एक प्रतिभाशाली कारोबारी थे जिन्हें वह 1990 के दशक से जानत थे।' रिपोर्टों के मुताबिक हादसे के बाद पुतिन ने येवगिन के परिवार को अपनी शोक संवेदना भेजी है।
गुरुवार को विमान हादसे में येवगेनी प्रिगोझिन की हुई मौत।
दो महीने पहले येवगेनी ने बगावत की थी
पुतिन ने कहा कि विमान हादसे की जांच में समय लगेगा। बता दें कि प्रिगोझिन ने करीब दो महीने पहले राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ बगावत की थी माना जा रहा है कि यह विमान दुर्घटना रूसी सेना के खिलाफ वैगनर के विद्रोह को लेकर बदले की कार्रवाई है। दो महीने पहले प्रिगोझिन की बगावत ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की साख को खासा नुकसान पहुंचाया था। रूस की नागर विमानन एजेंसी ने बताया है कि प्रिगोझिन और उनकी सेना के छह शीर्ष अधिकारी एक विमान में सवार थे, जो चालक दल के तीन सदस्यों के साथ बुधवार को मॉस्को से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
दुर्घटना की वजह की जांच कर रहे
पुलिस ने उस क्षेत्र की घेराबंदी कर दी जहां विमान का मलबा गिरा और जांचकर्ताओं ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्रिगोझिन समर्थकों ने मैसेजिंग ऐप के वैगनर समर्थक चैनल पर दावा किया कि विमान को जानबूझकर मार गिराया गया और उन्होंने इसके लिए कई तरह की आशंकाएं जताई हैं। रूसी अधिकारियों ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अटकलों को इसलिए बल मिल रहा है क्योंकि पुतिन के कई प्रतिद्वंद्वियों और आलोचकों पर पूर्व में जानलेवा हमले हो चुके हैं।
हादसे पर जर्मनी ने उठाए सवाल
जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा, ‘यह कोई संयोग नहीं है कि पूरी दुनिया तुरंत क्रेमलिन की ओर देखती है जब पुतिन का एक कुख्यात पूर्व विश्वासपात्र बगावत के प्रयास के दो महीने बाद अचानक दुर्घटना में मारा जाता है।’
उन्होंने कहा, ‘हम इस पैटर्न को जानते हैं... पुतिन के रूस में मौत और आत्महत्या समेत कई ऐसे मामले आते हैं जिनका कभी कुछ पता नहीं चलता।’
बगावत को पुतिन ने ‘देशद्रोह’बताया था
प्रिगोझिन यूक्रेन में युद्ध में रूसी सैनिकों के लड़ाई के तौर तरीकों के भी मुखर आलोचक थे जहां उनके लड़ाके भी मोर्चे पर डटे हुए थे। लेकिन बगावत के बाद वह सरकार की नजरों में चुभ गए। गत 23 जून को प्रिगोझिन के लड़ाकों ने कूच करना शुरू किया और कुछ घंटों में रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन में प्रवेश कर गए तथा एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। पुतिन ने इस बगावत को ‘देशद्रोह’और ‘पीठ में छुरा घोंपना’बताया और इसके दोषियों को दंडित करने का संकल्प लिया, लेकिन कुछ घंटों बाद एक समझौता हो गया जिसके बाद उन्हें बेलारूस जाने की अनुमति दी गई।
