पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी हिंसा के बीच 2026 का विधानसभा चुनाव कराया जा रहा है। वहीं मतदान के पहले चरण के मतदान के दौरान वहां गोलीबारी की खबर सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कोटली जिले के निकयाल इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने फायरिंग की है। जिसमें, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के युवा नेता मुख्तार यूनिस की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है।
पीओजेके में चुनाव के दौरान हिंसा।
निकयाल में हालात तनावपूर्ण
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, मतदान के दौरान निकयाल में हालात तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद कथित तौर पर सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। इस घटना में पीपीपी के युवा नेता मुख्तार यूनिस की जान चली गई। हालांकि, घटना को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कोटली क्षेत्र के कई अन्य इलाकों से भी नागरिकों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच झड़पों की खबरें आई हैं। इससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी ने किया चुनाव का बहिष्कार
इस बीच, जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है। संगठन ने लोगों से मतदान में हिस्सा न लेने और 'मुजफ्फराबाद चलो' मार्च में शामिल होने की अपील की थी। जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी ने खास तौर पर मीरपुर डिवीजन के लोगों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने का आग्रह किया।
चुनाव की बात करें तो वहां की स्थानीय मीडिया ने दावा किया है कि कई मतदान केंद्रों पर मतदान बेहद धीमा रहा है। इतना ही नहीं हिंसा को देखते हुए कई बूथ लंबे समय तक लगभग खाली ही दिखाई दिए।
समाहनी के पोलिंग बूथ से बैलेट बॉक्स लूटे
वहीं, विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच कथित धांधली का मामला भी सामने आया है। यहां समाहनी क्षेत्र के एक मतदान केंद्र से कुछ हथियारबंद लोग कथित तौर पर मतपेटियां (वोटिंग बॉक्स) ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है।
13 विधानसभा सीटों के लिए 2,316 मतदान केंद्रों पर मतदान
गौरतलब है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के पहले चरण में 13 विधानसभा सीटों के लिए 2,316 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया जा रहा है। चुनाव में 14,44,437 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। इनमें 7,24,811 पुरुष और 6,75,626 महिला मतदाता शामिल हैं। हालांकि, फायरिंग, हिंसा और मतदान प्रतिशत को लेकर अब तक पाकिस्तान के चुनाव अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
