Where is United States of Kailasa: आप ने यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका का नाम तो सुना होगा। इसके साथ ही थोड़ा बहुत यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलाशा के बारे में भी जानते होंगे। इस देश को बनाने वाले स्वामी नित्यानंद भारत के लिए भगोड़ा हैं। उनके ऊपर बलात्कार के केस दर्ज हैं। हाल ही में एक खबर आई कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलाशा ने संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रतिनिधित्व किया था। इस विषय पर यूएन की तरफ से भी सफाई आ चुकी है। अब इस मुद्दे पर नित्यानंद की प्रतिनिधि विजयप्रिया नित्यानंद( खुद को यूएसके का अंबेस्ड बताती हैं) ने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। यहां पर हम आपको विजयप्रिया के साथ साथ यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा के बारे में भी जानकारी देंगे। लेकिन विजयप्रिया ने संयुक्त राष्ट्र संघ और नित्यानंद के समर्थन में क्या कहा जानना जरूरी है।
विजयप्रिया, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलाशा की स्वघोषित राजदूत
'नित्यानंद को भारत से जबरन निकाला गया'
विजयप्रिया ने कहा कि नित्यानंद परमशिवम को उनके जन्मस्थान से जबरन बाहर कर दिया गया और उसके कृत्य के पीछे कुछ हिंदू विरोधी लोग जिम्मेदार थे। उनका मुल्क भारत का आदर और सम्मान करता है।संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी का कहना था कि वे काल्पनिक देश के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए बयानों की अनदेखी करेंगे। यूएन ने उनके सबमिशन को अप्रासंगिक करार दिया। संयुक्त राष्ट्र की बैठक में 'कैलासा' के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने दुनिया के साथ-साथ भारत को भी स्तब्ध कर दिया। भारत सरकार ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है
कौन हैं विजयप्रिया
उसके फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार, वह वाशिंगटन, डीसी में रहती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई तस्वीरों में विजयप्रिया को अपने दाहिने हाथ पर नित्यानंद के एक बड़े टैटू के साथ दिखाया गया है।विजयप्रिया ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, मैनिटोबा विश्वविद्यालय से माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी ऑनर्स किया। वह जून 2014 में विश्वविद्यालय के डीन की सम्मान सूची में थीं।लिंक्डइन प्रोफाइल में आगे उल्लेख किया गया है कि विजयप्रिया चार भाषाओं अंग्रेजी, फ्रेंच, हिंदी और क्रियोल और पिजिन (फ्रेंचआधारित) को जानती हैं। कैलासा की एक वेबसाइट भी है जिसमें इस बात का जिक्र है कि विजयप्रिया नित्यानंद देश की ओर से संगठनों के साथ समझौता करती हैं।24 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में उन्होंने कई देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। कुछ अन्य तस्वीरों में विजयप्रिया को कुछ अधिकारियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए दिखाया गया है, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे अमेरिकी थे।'कैलासा' की वेबसाइट का यह भी दावा है कि 150 देशों में उनके दूतावास और एनजीओ हैं।
कहां है यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा
नित्यानंद ने कई साल पहले भारत छोड़ दिया था उसके खिलाफ बलात्कार और यौन उत्पीड़न सहित कई मामले दर्ज थे। उन्होंने सभी आरोपों का खंडन किया है।बीबीसी के अनुसार भारत छोड़ने के बाद, उन्होंने 2019 में इक्वाडोर के तट पर एक द्वीप पर 'कैलासा' की स्थापना की। देश का नाम हिमालय में एक पर्वत के नाम पर रखा गया है जिसे भगवान शिव का पौराणिक निवास माना जाता है।उस वक्त इक्वाडोर ने इस बात से इनकार किया था कि नित्यानंद देश में है। उनके उपदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी किए जाते हैं क्योंकि स्वयंभू धर्मगुरु ने 2019 के बाद से कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं दिखाई दी है।
