सीरिया में फतह के बाद पहली बार विद्रोही गुट का नेतृत्व कर रहे अबू मोहम्मद अल-गोलानी सामने आए और इस फतह को इस्लामी राष्ट्र की जीत बताया। आज ही सीरिया में लंबे समय से शासन कर रहे असल सरकार का शासन खत्म हो गया है और विद्रोही गुट ने सत्ता पर कब्जा कर लिया है। राष्ट्रपति असद देश छोड़ कर भाग चुके हैं, उनके मारे जाने की भी खबरें आ रही हैं।
सीरिया फतह के बाद पहली बार सामने आए अबू मोहम्मद अल-गोलानी
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‘लालची ईरान का चारागाह’
राजधानी दमिश्क के उपनगरीय इलाकों में शनिवार को विद्रोही लड़ाकों के प्रवेश के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए अबू मोहम्मद अल-गोलानी ने राजधानी की विशाल उमय्यद मस्जिद का दौरा किया। गोलानी ने अपने उपनाम अहमद अल-शरा का उल्लेख करते हुए सैकड़ों लोगों से कहा कि असद ने सीरिया को ‘लालची ईरान का चारागाह’ बना दिया था।
पहले अलकायदा से जुड़े थे अबू मोहम्मद अल-गोलानी
वर्षों पहले अलकायदा से नाता तोड़ने वाला अबू मोहम्मद अल-गोलानी सबसे बड़े विद्रोही गुट का नेता है और वह अब देश के भविष्य की दिशा तय करने के लिए तैयार हैं। अलकायदा से अलग होने के बाद वह बहुलवाद और धार्मिक सहिष्णुता को महत्व देने की बात कहता रहा है।
ईरान के लिए बड़ा झटका
असद के शासन का अंत ईरान और उसके सहयोगियों के लिए एक बड़ा झटका है, जो पहले से ही इजराइल के साथ एक साल से अधिक संघर्ष के कारण कमजोर हो गए हैं। पूरे गृहयुद्ध के दौरान असद का पुरजोर समर्थन करते रहे ईरान ने कहा कि सीरियाई लोगों को विनाशकारी विदेशी हस्तक्षेप के बिना अपने देश का भविष्य तय करना चाहिए।
