JD Vance Midterm Election Statement:अमेरिका केउपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिडटर्म चुनाव में हार का ठीकरा ईरान युद्ध पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि मिडटर्म चुनाव में हमारे लोगों ने ही हमें वोट नहीं दिया। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 के नतीजों पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपना पहला बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा कि 2026 के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की व्यापक हार की वजह ईरान युद्ध है। वेंस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हार की वजह युद्ध है। राष्ट्रपति ने खुद कल रात यही बात कही थी। वेंस के इस बयान ने अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी है। इसे रिपब्लिकन खेमे में आत्ममंथन के रूप में देखा जा रहा है।
जेडी वेंस (फोटो साभार- AP)
उपराष्ट्रपति ने ईरान वार को बताया हार की वजह
वेंस ने उन लोगों को भी संबोधित किया जो इस युद्ध को लेकर पहले से नाराज थे। उन्होंने कहा कि जो लोग गुस्से में हैं और कहना चाहते हैं कि हमने पहले ही बता दिया था, वे बिल्कुल सही हैं। उन्होंने सच में पहले ही बता दिया था। वेंस ने इस तरह अपनी गलती को स्वीकार करने वाला अंदाज अपनाया। उन्होंने नाराज समर्थकों से बहस करने के बजाय उनकी बात को सही ठहराया। वेंस ने डेटा और सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 2024 में ट्रंप को वोट देने वाले कई मतदाताओं ने इस बार रिपब्लिकन को वोट नहीं दिया। युद्ध को लेकर निराशा की वजह से उन्होंने मतदान के समय अपना रुख बदल लिया। यह नाराजगी चुनाव नतीजों में साफ दिखी।
'रिपब्लिकन मतदाता ने विपक्ष को दिया वोट'
उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में मतदान का स्तर भयानक नहीं था और रिपब्लिकन मतदाता वोट डालने के लिए आ भी रहे थे, लेकिन वे विपक्ष को वोट दे रहे थे। यही सबसे बड़ी समस्या बन गई। वेंस ने लिखा कि सर्वे में भले ही डेमोक्रेट की बड़ी जीत दिखाई जा रही थी, लेकिन डेटा लगातार यही कहानी बता रहा था कि कुछ राज्यों में मतदान बस ठीक था, कुछ राज्यों में मतदान बेहद शानदार था और किसी भी राज्य में मतदान भयानक नहीं था। उनकी टीम में असली उम्मीद थी कि उनके लोग मतदान करने आ रहे हैं।
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हमारे वोटर ने बदल लिया पाला
उन्होंने आगे कहा कि असली समस्या यह है कि जिन लोगों ने 2024 में ट्रंप-वेंस को वोट दिया था, उन्होंने 2026 में डेमोक्रेट को वोट दिया। यानी वोटर घर पर नहीं बैठे, वे आए और उन्होंने पाला बदल लिया। वेंस के मुताबिक यही हार का सबसे बड़ा कारण रहा। उन्होंने बताया कि एक सर्वे करने वाली एजेंसी ने वोटरों से पूछा कि वे रिपब्लिकन के पास वापस क्यों आएंगे, तो इसके चार जवाब मिले। पहला युद्ध खत्म करो। दूसरा महंगाई और जीवन यापन की लागत पर ध्यान दो। तीसरा अमेरिका फर्स्ट को प्राथमिकता दो। चौथा इजरायल के साथ रिश्ते बदलो। वेंस के इस बयान को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर अब युद्ध, महंगाई और विदेश नीति को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में रिपब्लिकन पार्टी की रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
