US Marines in Middle east : ईरान के खिलाफ अमेरिका ने अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। उसने मध्य पूर्व में एक एम्फीबियस असाल्ट शिप और 25000 मरीन्स रवाना कर दिया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि 31वीं मरीन एक्पेडिशिनरी यूनिट के मरीन और एम्फीबियस असाल्ट शिप यूएसएस त्रिपोली को मध्य पूर्व जाने का आदेश दे दिया गया है।
ईरान के खिलाफ यूएसका सैन्य अभियान हुआ तेज।
सैनिकों की संख्या में होगा बड़ा इजाफा
अधिकारी ने बताया कि लगभग 2,500 मरीन सैनिकों और कम से कम एक एम्फीबियस (उभयचर हमला) जहाज को मध्य पूर्व की ओर भेजा जा रहा है।संवेदनशील सैन्य योजनाओं पर चर्चा करने के लिए नाम न जाहिर करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि यह तैनाती क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में एक बड़ा इजाफा होगी।
मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट
मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) को संकट की स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए बनाया गया है। हालांकि इन्हें उभयचर हमले (समुद्र से जमीन पर सैन्य कार्रवाई) के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, लेकिन ये दूतावासों की सुरक्षा, नागरिकों की निकासी और मानवीय आपदाओं में राहत कार्य जैसे मिशनों में भी विशेषज्ञ होते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस तैनाती का यह मतलब नहीं है कि कोई जमीनी सैन्य अभियान तुरंत शुरू होने वाला है।
जापान में हैं USS ट्रिपोली
अधिकारी ने कहा, 'यह कदम क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में एक बड़ा इजाफा होगा,' और यह भी जोड़ा कि जमीन पर हालात के अनुसार ये बल कई तरह के मिशनों में सहायता करने में सक्षम हैं। 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट, USS ट्रिपोली और अन्य उभयचर जहाजों के साथ, जापान में तैनात है। सैन्य तस्वीरों से पता चलता है कि ये जहाज हाल के दिनों में प्रशांत महासागर में संचालित हो रहे थे। एम्फीबियस जहाज या युद्धपोत विशेष नौसैनिक जहाज होते हैं, जो समुद्र से जमीन पर सैनिकों, टैंकों और भारी सैन्य उपकरणों को सीधे उतारने में सक्षम हैं। ये तटीय हमले, कमांड-एंड-कंट्रोल, और आपदा राहत अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ईरान के खर्ग द्वीप पर यूएस ने किया हमला
ईरान पर अमेरिकी ने अपने तेल कर दिए हैं। यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्य कमान (CENTCOM) ने ईरान के 'क्राउन ज्वेल' कहे जाने वाले खर्ग द्वीप पर अब तक का सबसे शक्तिशाली हवाई हमला किया है। ट्रंप के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य खर्ग द्वीप पर मौजूद ईरान के तमाम सैन्य ठिकानों को पूरी तरह खत्म करना था, जिसमें अमेरिकी सेना सफल रही है।
