US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। एक तरफ दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत चल रही है तो दूसरी तरफ अमेरिका लगातार ईरान को धमकाने में जुटा हुआ है और तेहरान है कि झुकने को तैयार नहीं। इस बीच, अमेरिका ने तेहरान पर हमला करने की योजना तैयार की है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (बाएं) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाएं)
पश्चिम एशिया में बढ़ाई सैन्य ताकत
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है और ईरान पर हमले की संभावना को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने लड़ाकू विमान और युद्धपोत क्षेत्र में भेजे हैं। हालांकि, ट्रंप ने अभी तक हमले को मंजूरी नहीं दी है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना इस वीकेंड तक ईरान पर हमला करने को तैयार है, लेकिन ट्रंप को अंतिम फैसला करना है। इस मसले को लेकर व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने उच्च स्तरीय बैठक भी की।
सैन्य ताकत दिखाएगा तेहरान
इधर, ईरान और रूस ने ओमान की खाड़ी और उत्तरी हिंद महासागर में 19 फरवरी को एक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करने का ऐलान किया। तेहरान का कहना है कि यह अभ्यास क्षेत्र में किसी भी एकतरफा कार्रवाई को रोकने के लिए किया जा रहा है।
US ने तैनात किए लड़ाकू विमान!
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में एफ-22 और एफ-35 जैसे तेज-तर्रार लड़ाकू विमान भेजे हैं। इसके अतिरिक्त, एक और एयरक्राफ्ट कैरियर और कमांड पोस्ट विमान तैनात किया जा रहा है। पहले से ही इलाके में मौजूद एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ अब दूसरा विमानवाहक पोत भी भेजा जा रहा है।
अमेरिका ने ईरान को दी यह नसीहत
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा था कि ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करना चाहिए। हाल ही में ओमान की मध्यस्थता में जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई, लेकिन उसका कोई प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। सनद रहे कि ट्रंप ने बार-बार मांग की है कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम छोड़ दे, जिसमें और यूरेनियम एनरिच न करने पर सहमत होना भी शामिल है।
