US Iran Conflict: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीधे संवाद के लिए एक संपर्क चैनल स्थापित होगा। इसके लिए अमेरिका और ईरान ने सहमति जताई है। इसका मकसद भविष्य में किसी भी सैन्य टकराव की आशंका को कम करना है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रतिनिधि कतर की राजधानी दोहा में तैनात रहेंगे और किसी भी विवाद की स्थिति में सीधे बातचीत करेंगे।
कैसे खत्म होगा विवाद?
ब्रिटिश समाचार वेबसाइट अनहर्ड को दिए एक इंटरव्यू में जेडी वेंस ने कहा कि ईरानी और अमेरिकी सैन्य अधिकारी दोहा में मीटिंग करेंगे ताकि विवाद को सुलझाया जा सके। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बारे में वेंस ने कहा, ''उन्होंने (तेहरान) ने कहा कि ठीक है, हम आईआरजीसी से एक प्रतिनिधि दोहा भेजेंगे, जहां वह अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रतिनिधि से मुलाकात करेंगे और इसी जरिए कई विवादों का समाधान किया जाएगा।
वेंस ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी ईरान और आईआरजीसी के साथ इकोनॉमिक इंसेंटिव्स को लेकर ऐसी बातचीत कर रहा है, जो पहले कभी नहीं हुई थी। बकौल वेंस, यूएई ईरान और आईआरजीसी के साथ विभिन्न प्रकार के आर्थिक प्रोत्साहनों पर चर्चा कर रहा है, जो दोनों पक्षों के संबंधों में नई पहल है।
इस बीच, यूनाइटेड स्टेट्स और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने गुरुवार को बहरीन के मनामा में आयोजित एक मंत्रिस्तरीय बैठक में अपनी रणनीतिक साझेदारी को दोहराया। बैठक की सह-अध्यक्षता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल ज़यानी ने की।
