रूस और यूक्रेन युद्ध अब कई अजीबों गरीब तरीके से लड़ी जा रही है। कुछ दिनों पहले स्पेन व यूरोप में यूक्रेनी दूतावासों को "खूनी पैकेज" व लेटर बम भेजे गए थे, अब बारी थी जर्मनी की, जहां यूक्रेन डसेलडॉर्फ़ कॉन्सुलेट की तरफ से एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन ने जर्मनी के नागरिकों को रूस के खिलाफ जंग मे उतरने व यूक्रेन की वॉलंटरी मिलिट्री फोर्स इंटरनेशनल लीजन मे शामिल होने का निमंत्रण दे रहा है। बदले में आकर्षक पैसे भी ऑफर करने की बात लिखी गई है।
रूस के साथ युद्ध में युक्रेन हो चुका है तबाह
हालांकि यूक्रेनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओलेग निकोलेंको ने बताया कि डसेलडॉर्फ़ में यूक्रेन के महावाणिज्य दूतावास के नाम से जो लेटर भेजा गया है वो मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी राजनयिक मिशन ने किसी को लेटर कभी नहीं भेजा। निकोलेंको ने नकली पत्रों को "दुश्मन के दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा बताया है, जिसका उद्देश्य यूक्रेनी कूटनीति को बदनाम करना है।
फर्जी निकला पत्र
इससे पहले विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा ने 7 दिसंबर को कहा था कि कई देशों में 31 यूक्रेनी राजनयिक मिशनों को हाल ही में धमकियां मिली हैं। कुलेबा के अनुसार- "इस अभियान का उद्देश्य यूक्रेन के राजनयिकों को डराना है।" उन्होंने कहा कि इसके लिए रूस या तो सीधे तौर पर जिम्मेदार था या यह कोई ऐसा व्यक्ति था जो "रूस से सहानुभूति रखता है या यूक्रेन के खिलाफ लडाई में रूस के साथ खड़ा है और डर फैलाने की कोशिश कर रहा है।"
दरअसल जब रूस ने यूक्रेन के ऊपर हमला किया था तब यूक्रेन ने पूरी दुनिया के लड़ाकों से मदद की अपील की थी। उनसे सीधे जंग के मैदान मे उतरने की पेशकश की गई थी। इन सभी इंटरनेशनल फाइटर्स के ग्रुप को इंटरनेशनल लीजन नाम दिया गया था।
