Russia Ukraine Ceasefire: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के साथ सीजफायर की संभावनाओं पर संकेत दिया है। जेलेंस्की ने इसके लिए शर्त रखी है। उन्होंने कहा है कि रूस के साथ सीजफायर हो सकती है, बशर्ते कि यूक्रेन के जिस हिस्से पर रूस का नियंत्रण नहीं है, नाटो उस क्षेत्र की सुरक्षा की गारंटी ले। यह पहली बार है सीजफायर को लेकर जेलेंस्की इस तरह की पहल करते हुए दिखे हैं। हालांकि, उनकी इस शर्त पर नाटो और रूस दोनों की प्रतिक्रिया का अब इंतजार है।
यूक्रेन पर रूस के हमले तेज हो गए हैं।
हमारे इलाके की सुरक्षा करे नाटो-जेलेंस्की
शुक्रवार को स्कॉय न्यूज के साथ बातचीत में जेलेंस्की ने सीजफायर की संभावनाओं पर संकेत दिया। उनसे पूछा गया था कि नाटो अगर यूक्रेन के उस हिस्से जिस पर रूस का कब्जा नहीं है, केवल उसे सुरक्षा देता है तो वह क्या कहेंगे। इस पर जेलेंस्की ने कहा, 'यदि हम इस युद्ध को रोकना चाहते हैं तो वे इलाके जो हमारे नियंत्रण में हैं, उन्हें नाटो की सुरक्षा में लेना होगा। यह काम हमें तेजी से करने की जरूरत है। इसके बाद कूटनीतिक बातचीत के जरिए यूक्रेन अपने बाकी हिस्सों को पाने की कोशिश करता रहेगा।' जेलेंस्की ने कहा कि किसी भी देश ने इस तरह का प्रस्ताव यूक्रेन को नहीं दिया है।
इजरायल-हिज्बुल्ला के बीच हुआ है सीजफायर
जेलेंस्की का यह शर्त इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच सीजफायर होने के बाद आई है। इस बीच रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। खासकर यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाकर हमले हो रहे हैं। इससे यूक्रेन के कई हिस्सों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है। रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव सैन्य अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के साथ वार्ता के लिए शुक्रवार को उत्तर कोरिया पहुंचे। पूर्व अर्थशास्त्री बेलौसोव ने मई में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सत्ता में पांचवां कार्यकाल शुरू करने के बाद रक्षा मंत्री के रूप में सर्गेई शोइगू का स्थान लिया था।
दक्षिण कोरिया ने जताई चिंता
अमेरिका और उसके सहयोगियों का कहना है कि उत्तर कोरिया ने हाल में 10,000 से अधिक सैनिक रूस भेजे हैं और उनमें से कुछ सैनिक युद्ध में शामिल हो चुके हैं। उत्तर कोरिया पर रूस को हथियार प्रणाली, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरणों की आपूर्ति करने का भी आरोप है, जो रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लगभग तीन साल से जारी युद्ध को और आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। दक्षिण कोरिया में यह भी चिंता जताई गई कि उत्तर कोरिया अपने सैनिकों और हथियारों की आपूर्ति के बदले रूस से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्राप्त कर सकता है, जो नेता किम जोंग उन के परमाणु हथियारों और मिसाइल कार्यक्रम द्वारा उत्पन्न खतरे को बढ़ा सकता है।
