Trump Reciprocal Tariffs : अपने जवाबी टैरिफ से दुनिया भर के बाजारों में मचे उथल-पुथल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को कहा कि 'कभी-कभी कुछ चीजों को ठीक करने के लिए आपको देवी लेनी पड़ती है।' ट्रंप ने यह बात उनके जवाबी टैरिफ से दुनिया के बाजारों में मचे हाहाकार के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कही। उन्होंने कहा कि बाजार में उथल-पुथल मचे ऐसा वह जानबूझकर नहीं कर रहे हैं।
ट्रंप ने करीब 100 देशों पर जवाबी टैरिफ लगाया है।
जवाबी टैरिफ से बुरी तरह हिल गए हैं शेयर मार्केट
ट्रंप ने कहा, 'कोई चीज नीचे जाए मैं नहीं चाहता लेकिन कभी-कभी कुछ चीजों को ठीक करने के लिए आपको दवाई लेनी पड़ती है।' ट्रंप एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ट्रंप के जवाबी टैरिफ से दुनिया भर के शेयर बाजार बुरी तरह हिल गए हैं और कई कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन पर हमला बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके समय कुछ देशों ने अमेरिका के साथ बहुत 'बुरा बर्ताव' किया और ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बाइडेन प्रशासन ने ऐसा होने की इजाजत दी।
'स्लीपी बाइडेन के के समय यह घाटा हुआ-ट्रंप
अपने एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि चीन, यूरोपीय यूनियन और अन्य देशों के साथ अमेरिकी का व्यापार घाटा बहुत ज्यादा है। इस व्यापार घाटे को केवल टैरिफ लगाकर ही कम किया जा सकता है। अब इससे हजारों करोड़ डॉलर अमेरिका में आने शुरू हो गए हैं। टैरिफ लागू हो चुके हैं और अच्छी चीजें हो रही हैं। उन्होंने कहा, 'स्लीपी बाइडेन के के समय यह घाटा हुआ। अब हम इसे पलटने जा रहे हैं। इसे हम तेजी से बदलेंगे। एक दिन लोगों को यह महसूस होगा कि टैरिफ अमेरिका के लिए एक बहुत ही बढ़िया चीज थी।'यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह, बोले- 'सही समय' पर बहाल होगा पूर्ण राज्य का दर्जा
शेयर बाजार में हो सकते हैं उतार-चढ़ाव-एक्सपर्ट
इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों में कई तरह के घटनाक्रमों के बीच काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विश्लेषकों कहना है कि एक तरफ निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क के वैश्विक व्यापार और महंगाई पर व्यापक असर का आकलन कर रहे हैं, वहीं सप्ताह के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक भी है। इसके अलावा अमेरिका से मुद्रास्फीति के आंकड़े भी आने हैं। ये सभी घटनाक्रम बाजार को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को आशंका है कि एक पूर्ण व्यापार युद्ध वैश्विक व्यापार और आर्थिक वृद्धि को प्रभावित करेगा।
