Turkish president Holds talks with Shehbaz Sharif: तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इस्लामाबाद में उनके कार्यालय में मुलाकात की और गाजा के हालात समेत कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। वहीं, इस मुलाकात के दौरान शहबाज शरीफ ने कश्मीर का भी रोना रोया। इस पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, जिसमें कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
एर्दोआन ने की शरीफ से मुलाकात
दो दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान आए राष्ट्रपति एर्दोगन ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल वार्ता के बाद यह टिप्पणी की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच 24 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
इसके बाद, दोनों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का संकल्प जताया जिसके दौरान एर्दोगन ने कश्मीर मुद्दे पर भी बात की। एर्दोगन ने कहा, कश्मीर मुद्दे को बातचीत के जरिए और कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के अनुसार हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हमारा राज्य और हमारा देश, अतीत की तरह, आज भी हमारे कश्मीरी भाइयों के साथ एकजुटता में खड़ा है।
भारत का सख्त रुख
बता दें कि भारत ने बार-बार सख्ती से कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश देश का अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे। 5 अगस्त, 2019 को भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद पाकिस्तान के पास सिवाय शिकायत करने के कोई विकल्प नहीं रह गया।कड़ी सुरक्षा के बीच होटल से निकले एर्दोआन
एर्दोआन कड़ी सुरक्षा के बीच अपने होटल से निकले और तुर्किये और पाकिस्तान के पारंपरिक परिधान पहने लोगों ने उनका स्वागत किया। लोग उनके स्वागत के लिए शहर की एक प्रमुख सड़क पर खड़े थे जिसे तुर्किये और पाकिस्तान के झंडों से सजाया गया था। राष्ट्रपति के काफिले के सड़क पर आगे बढ़ने के बीच लोग ढोल की थाप पर नाचते दिखे।
कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे दोनों देश
शहबाज शरीफ ने एर्दोआन और उनकी पत्नी एमीन एर्दोआन का अपने कार्यालय में स्वागत किया। समारोह से पहले एक बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए जिसके बाद नेताओं ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। सरकारी घोषणा के अनुसार, एर्दोआन द्विपक्षीय रणनीतिक सहयोग वार्ता की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे और दोनों पक्षों द्वारा कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।
