Erdogan at UNGA: तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। एर्दोगन ने कहा कि उनका देश इस साल की शुरुआत में संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम से खुश है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद-रोधी सहयोग पर भारत और पाकिस्तान के बीच सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
एर्दोगन ने उठाया कश्मीर मुद्दा (AP)
भारत-पाक युद्धविराम का जिक्र
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की आम बहस में अपने संबोधन में एर्दोगन ने कहा, दक्षिण एशिया में हम शांति और स्थिरता को सर्वोपरि मानते हैं। हम पिछले अप्रैल में पाकिस्तान और भारत के बीच हुए तनाव के बाद हुए युद्धविराम से खुश हैं, जो तनाव बढ़कर संघर्ष में बदल गया था।
हाल के वर्षों में तुर्की के नेता ने उच्च-स्तरीय संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में विश्व नेताओं को अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान नियंत्रित क्षेत्रों में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस हमले के बाद चार दिनों तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुई।
ट्रंप का दावा खारिज
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। पहलगाम नरसंहार का कड़ा जवाब देते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी समूह के गढ़ बहावलपुर सहित आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। 10 मई को जब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, तब से उन्होंने 40 से ज़्यादा बार यह दावा दोहराया है कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को समाधान में मदद की है। वहीं, भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ शत्रुता समाप्त करने पर सहमति दोनों सेनाओं के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी।
