अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही रूसी तेल पर प्रतिबंधों को फिर से लागू कर सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान जंग को लेकर वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले ही संकट में है। और ईरान अमेरिका में शांति समझौते के बाद यूक्रेन संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा फिर तेज हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप।
रूसी तेल पर दोबारा प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर विचार
फ्रांस के एवियन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार रूसी तेल पर दोबारा प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है। हालांकि उन्होंने संभावित कदमों की समयसीमा या स्वरूप को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह अब यूक्रेन पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, क्योंकि ईरान का मुद्दा जल्द ही पीछे छूट जाएगा। उन्होंने अमेरिका पर रूस-यूक्रेन युद्ध के असर को लेकर कहा कि यह सब बेतुका है। इसलिए, मैं जो कुछ भी कर सकता हूं, वह करूंगा।
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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी बोले ट्रंप
इसके अलावा, ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला रहेगा और वहां किसी प्रकार का टोल नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालिया समझौते का मूल उद्देश्य केवल एक है-ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना। ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। यही इस समझौते का मेन प्वाइंट है।
इस बीच ट्रंप ने इजरायल की भी सार्वजनिक रूप से आलोचना की। उन्होंने कहा कि इजरायल बहुत लंबे समय से हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है और इस संघर्ष में अत्यधिक संख्या में लोग मारे जा रहे हैं। ट्रंप ने विशेष रूप से उन हमलों पर आपत्ति जताई जिनमें नागरिकों से भरी आवासीय इमारतें नष्ट हुईं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने इजरायल को सलाह दी थी कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई में सीरिया को अग्रणी भूमिका निभाने दी जाए। ट्रंप के अनुसार, यदि इजरायल बिना बड़े पैमाने पर नागरिक हताहतों के अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर सकता, तो सीरिया इस भूमिका को निभा सकता है।
