अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान के साथ जारी युद्ध और संभावित समझौते को लेकर कड़ा रुख अपनाया। एक तरफ जहां उन्होंने ईरान के साथ गुप्त बैठक की पुष्टि की है, वहीं दूसरी तरफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान के साथ जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे इस्लामिक गणराज्य को 'पूरी तरह तबाह' कर सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (File Photo)
ट्रंप ने बताया कि मंगलवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच न्यूयॉर्क में मुलाकात हुई। उनके अनुसार, उनके प्रमुख दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी अधिकारियों से बैठक की। ट्रंप ने इसे 'बहुत अच्छी बैठक' बताया, लेकिन कहा कि ईरान की ओर से इसमें सबसे उच्च स्तर के अधिकारी शामिल नहीं थे।
ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात के संकेत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इससे पहले कहा था कि ट्रंप न्यूयॉर्क में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात के लिए तैयार हैं। रुबियो ने कहा कि ट्रंप समस्याओं को हल करने के लिए बातचीत को महत्वपूर्ण मानते हैं। हालांकि, बातचीत का मतलब यह नहीं है कि दोनों पक्ष हर मुद्दे पर सहमत होंगे। ट्रंप ने मंगलवार को खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं और अधिकारियों के साथ भी बैठक की। जॉर्डन के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए। बैठक में ईरान के साथ जारी युद्ध के आगे के रास्ते पर चर्चा हुई।
