US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर संघर्ष गहराता जा रहा है। दरअसल, ईरान द्वारा अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में में ईरानी हवाई रक्षा, जमीनी स्टेशन और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए। इस स्ट्राइक में पश्चिम एशिया में माहौल तनावपूर्ण हो चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर की बात। AP
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर बातचीत की है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल ट्रुथ सोशल पर जानकारी देते हुए कहा,"इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन 'बीबी' नेतन्याहू के साथ बेहद रचनात्मक और सफल बातचीत हुई है।"
लेबनान नहीं जाएगी इजरायली सेना: ट्रंप
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस बातचीत के बाद अब बेरूत (लेबनान) में कोई भी सैनिक नहीं भेजा जाएगा और जितने भी सैनिक वहां जाने के रास्ते में थे, उन्हें वापस बुला लिया गया है। इस कदम को क्षेत्र में सैन्य तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति ने लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह को लेकर भी एक दावा किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि हिजबुल्लाह के साथ भी एक बहुत अच्छी बातचीत हुई है। ट्रंप के मुताबिक, इस बातचीत में हिजबुल्लाह इस बात पर पूरी तरह सहमत हो गया है कि अब सभी तरह की गोलीबारी और हमले तुरंत रोक दिए जाएंगे। समझौते के तहत यह तय हुआ है कि इजरायल अब हिजबुल्लाह पर कोई हमला नहीं करेगा और ठीक इसी तरह हिजबुल्लाह भी इजरायल पर कोई हमला नहीं करेगा।
'ईरान के साथ चल रही अच्छी बातचीत'
वहीं, ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बहुत तेजी से और अच्छी बातचीत जारी है। हाल ही में खबर सामने आई थी कि इजरायली सेना ने लेबनान के भीतर ऐतिहासिक घुसपैठ शुरू कर दी है। इसी बीच लेबनान में इजरायली कार्रवाई को लेकर चेतावनी जारी किया।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरानी पक्ष ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लेबनान समेत सभी मोर्चे शामिल हैं। ऐसे में किसी एक फ्रंट पर भी हमला या सैन्य कार्रवाई पूरे सीजफायर के उल्लंघन के बराबर मानी जाएगी।
