Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने घर में बुरी तरह घिरते जा रहे हैं। ईरान युद्ध पर अभी वह डेमोक्रेट सांसदों के निशाने पर थे लेकिन अब उनकी ही रिपब्लिकन पार्टी के सांसद उनका साथ नहीं दे रहे हैं। यूक्रेन को होने वाली फंडिंग पर भी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने ट्रंप की बात न मानते हुए कीव को आर्थिक राहत जारी करने और रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के पक्ष में मतदान किया है। रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों का यह अलग राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
विधेयक के पक्ष में 226 , खिलाफ 195 वोट
यूकेन को आर्थिक पैकेज जारी करने के लिए हाउस में विधेयक पर मतदान हुआ। इसके पक्ष में 226 वोट और खिलाफ 195 वोट पड़े। इसके अलावा यह बिल रूस के तेल एवं गैस पर नए प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है। खास बात यह है कि ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली बार है जब यूक्रेन को फंड जारी करने के लिए हाउस में मतदान हुआ है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक हाउस के स्पीकर माइक जॉनसन ने रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों से इस विधेयक का विरोध करने का अनुरोध किया था। बुधवार को बंद दरवाजे के भीतर हुई बैठक में उन्होंने कहा कि बिल का विरोध राष्ट्रपति ट्रंप को रूस से बातचीत करने के लिए ज्यादा सहूलियत देगा।
18 रिपब्लिकन सांसदों ने विधेयक के पक्ष में वोट दिया
लेकिन स्पीकर की बात न मानते हुए 18 रिपब्लिकन सांसदों ने इस विधेयक के पक्ष में वोट दिया। इसे यूक्रेन युद्ध को लेकर ट्रंप के रुख के प्रति एक तरह की नाराजगी और असहमति के रूप में देखा जा रहा है। इन सांसदों ने अपनी पार्टी के नेतृत्व को संदेश देने की कोशिश की, क्योंकि ट्रंप के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी हाल के वर्षों में यूक्रेन के समर्थन के अपने पहले के मजबूत रुख से धीरे-धीरे दूर होती गई है। यूक्रेन को लेकर अब पार्टी के भीतर स्पष्ट मतभेद उभर आए हैं। हालांकि, कई रिपब्लिकन नेताओं का तर्क है कि अमेरिका को युद्धग्रस्त यूक्रेन को आगे और वित्तीय या सैन्य सहायता नहीं भेजनी चाहिए।
यूक्रेन को 8 अरब डॉलर की मंजूरी देने का प्रस्ताव
इस विधेयक में रूस के शीर्ष नेताओं और संस्थानों पर कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। इसके तहत रूस के प्रमुख बैंकों, तेल कंपनियों और खनन कंपनियों को निशाना बनाया गया है। साथ ही, अमेरिका में आयात होने वाले सभी रूसी उत्पादों पर 500% शुल्क (टैरिफ) लगाने और रूसी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा, यूक्रेन के लिए नई सैन्य सहायता का भी प्रावधान किया गया है। इसमें हथियारों की बिक्री के लिए 8 अरब डॉलर की मंजूरी देने के साथ-साथ बाइडेन प्रशासन के दौर में शुरू किए गए सैन्य लैंड-लीज कार्यक्रम की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
