Iran-US War Today: अमेरिका और ईरान के बीच जंग एक बार फिर से तेज हो चुकी है। ईरान के होर्मुज में जहाजों पर निशाना बनाने के बाद अब अमेरिका ने तेहरान पर बड़ा पलटवार किया है। जिसके बाद ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमले बोले हैं। इस हालिया घटनाक्रम से फारस की खाड़ी में युद्ध समाप्त कराने के उद्देश्य से किए गए अंतरिम समझौते पर फिर खतरा मंडराने लगा है।
ईरान-अमेरिका के बीच फिर शुरू हुई जंग (फोटो- @CENTCOM)
अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला
अमेरिकी सेना की ’सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि उसने ईरान में करीब 90 स्थलों को निशाना बनाया। उसने फुटेज जारी किए, जिनमें हवाई अड्डे के रनवे और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाकर किए गए हमलों को दिखाया गया। ’सेंट्रल कमांड’ ने कहा, ’’अमेरिकी बल सतर्क, घातक और कमांडर इन चीफ के निर्देश पर अभियान चलाने के लिए तैयार हैं।’’ अमेरिका ने कहा कि इन हमलों का मकसद होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है।
ईरान का पलटवार
ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला बोला है। बहरीन में कम से कम दो बार सायरन बजे। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। खाड़ी के इन तीन अरब देशों में किसी नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। कुवैत की सेना ने कहा कि वह ड्रोन और मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोकने के लिए सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। ईरान के ’रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने बहरीन और कुवैत पर हमलों का दावा किया है।
ईरान में कहां-कहां हुआ हमला?
ईरान के सरकारी मीडिया ने बुशहर सहित कई स्थानों पर विस्फोटों की खबर दी। बुशहर में ईरान का परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर है। इसके अलावा दक्षिणी बंदरगाह शहरों चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास और सिरिक में भी विस्फोटों की खबर है। ईरान के प्राधिकारियों ने कहा कि एक हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक दमकलकर्मी की मौत हो गई। सरकारी मीडिया ने ईरान के पूर्वोत्तर गोलेस्तान प्रांत में एक रेलवे पुल पर हमले की खबर दी तथा रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी कहा कि मशहद जाने वाले मार्ग पर दो पुलों पर हमला किया गया।
ट्रंप की धमकी
ट्रंप ने तुर्किये में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन से रवाना होने के बाद अपने सोशल मीडिया मंच पर कई वीडियो पोस्ट किए और कहा कि ये वीडियो ईरान में हुए विस्फोटों के हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को एक और चेतावनी दी। ट्रंप ने लिखा, ’’यह ईरान द्वारा कल पोतों पर की गई बमबारी का जवाब है। अगर ऐसा फिर होता है तो स्थिति और बदतर होगी।’’
ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि हालिया जवाबी हमलों का यह दौर किसी ’’दीर्घकालिक’’ सैन्य कार्रवाई में नहीं बदलेगा। हालांकि, ट्रंप ने कहा, ’’जो कुछ भी होगा, वह बहुत तेजी से होगा।’’ ट्रंप ने यह कहकर चिंता और बढ़ा दी कि युद्ध रोकने का अंतरिम समझौता ’’समाप्त’’ हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह बातचीत जारी रहने देंगे। ट्रंप ने युद्धविराम की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा, ’’मेरे हिसाब से यह समाप्त हो चुका है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि बातचीत जारी रख सकते हैं लेकिन उन्होंने उसके नतीजे को लेकर संदेह जताया। उन्होंने कहा, ’’वे बात कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।’’
ईरानी नेताओं ने क्या कहा?
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा, ’’अमेरिका ने अब भी यह नहीं सीखा है कि धौंस दिखाने और वादे तोड़ने की कीमत चुकानी पड़ती है। साफ शब्दों में कहूं तो अगर आप हमला करेंगे तो आपको भी जवाबी हमला झेलना पड़ेगा।’’
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ’एक्स’ पर जवाब देते हुए कहा कि ट्रंप की टिप्पणियां ’’ताकत का संकेत नहीं, बल्कि ईरान को लेकर अमेरिकी नीति की विफलता की स्वीकारोक्ति’’ हैं।
युद्धविराम पर खतरा
हमलों के कारण युद्धविराम पर बार-बार खतरा मंडराता रहा है तथा इस बीच ट्रंप की टिप्पणियों से अनिश्चितता और बढ़ गई है। उनके बयान के बाद तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। यदि युद्ध फिर शुरू होता है तो यह पश्चिम एशिया पर व्यापक पैमाने पर असर डाल सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति फिर बाधित हो सकती है।
