ASEAN Expansion: दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) ने रविवार को ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 1990 के दशक के बाद पहली बार अपने समूह का विस्तार किया और पूर्वी तिमोर (तिमोर-लेस्ते) को औपचारिक रूप से 11वें सदस्य देश के रूप में शामिल किया। कुआलालंपुर में हुए समारोह में जब पूर्वी तिमोर का झंडा अन्य दस देशों के झंडों के साथ फहराया गया, तो प्रधानमंत्री सनाना गुस्माओ ने कहा -“आज इतिहास रचा गया है। यह हमारे लिए केवल सपना साकार होने जैसा नहीं, बल्कि हमारी लंबी यात्रा की एक सशक्त अभिपुष्टि भी है।”
पूर्वी तिमोर आसियान का नया सदस्य बना (फोटो- AP)
‘सपना साकार’ और नए अवसरों की शुरुआत
पूर्वी तिमोर के प्रधानमंत्री गुस्माओ ने सदस्यता को अपने देश के लिए “नया अध्याय और अवसरों का द्वार” बताया। उन्होंने कहा कि आसियान में शामिल होने से उनके देश को व्यापार, निवेश, शिक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में नए अवसर मिलेंगे। करीब 14 लाख की जनसंख्या और दो अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला पूर्वी तिमोर अब 3.8 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन गया है। यह देश 2011 में आसियान की सदस्यता के लिए आवेदन कर चुका था और 2022 में उसे पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया था। मलेशिया के प्रधानमंत्री और आसियान के मौजूदा अध्यक्ष अनवर इब्राहिम ने कहा — “पूर्वी तिमोर का प्रवेश आसियान परिवार को पूर्ण करता है। यह हमारे साझा भाग्य और क्षेत्रीय एकजुटता की पुष्टि है।”
वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में वार्षिक शिखर सम्मेलन का आगाज
इस औपचारिक समारोह के साथ आसियान शिखर सम्मेलन 2025 की शुरुआत हुई। आने वाले दो दिनों में चीन, जापान, भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस, दक्षिण कोरिया और अमेरिका सहित कई प्रमुख साझेदार देशों के साथ उच्च-स्तरीय वार्ताएं होंगी। इस अवसर पर चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची समेत एक दर्जन से अधिक विश्व नेता मौजूद थे।
पूर्वी तिमोर का ऐतिहासिक संदर्भ
इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच स्थित पूर्वी तिमोर, 1975 में स्वतंत्रता की घोषणा करने से पहले चार शताब्दियों से अधिक समय तक पुर्तगाली उपनिवेश रहा। आसियान में शामिल होने वाला यह पहला नया सदस्य 1999 के बाद बना है- जब कंबोडिया संगठन में शामिल हुआ था। पूर्वी तिमोर के लिए यह सदस्यता न केवल आर्थिक दृष्टि से अहम है, बल्कि उसे क्षेत्रीय स्थिरता, मुक्त व्यापार समझौतों और बड़े बाजार तक सीधी पहुंच भी प्रदान करेगी।
