Supreme Court News: पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता में कमी को लेकर चल रहे स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से मंगलवार को पेश होने का निर्देश दिया है,ताकि देशभर में CCTV इंस्टॉलेशन और निगरानी डैशबोर्ड के क्रियान्वयन पर उनसे सीधे जानकारी ली जा सके।
सुप्रीम कोर्ट
CCTV काम नहीं कर रहे,कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान बताया कि कई राज्यों में थानों पर लगे कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे। कोर्ट ने इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना।चीनी CCTV कैमरों पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान पीठ ने केंद्र के वकील से उस मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर सवाल किया, जिसमें सुरक्षा कारणों से कई जगहों से चीनी कंपनी के बने कैमरे हटाने की बात कही गई थी। न्यायमूर्ति मेहता ने कहा कि खुद केंद्र सरकार ने इन कैमरों को संदिग्ध बताते हुए हटाने का निर्देश दिया है क्योंकि इनसे डेटा बाहर भेजे जाने की आशंका है।
पीठ ने कहा कि अब सरकार ने कुछ विशेष कैमरों को हटाने के निर्देश जारी किए हैं।हालांकि, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजा ठाकरे ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर अभी कोई औपचारिक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है।
राज्यों की स्थिति और ‘केरल मॉडल’पर चर्चा
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, जो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सहायता कर रहे हैं, ने कोर्ट को बताया कि अधिकांश राज्यों ने कैमरे लगाए हैं और अब केंद्रीकृत डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केरल में यह व्यवस्था सबसे बेहतर है। इस पर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने पूछा कि यदि केरल में सबसे अच्छी व्यवस्था है,तो अन्य राज्य इस मॉडल को क्यों नहीं अपना सकते?"
केंद्र ने भेजा सिर्फ अवर सचिव तो कोर्ट हुआ नाराज
कोर्ट ने केंद्र की ओर से बैठक में केवल एक अवर सचिव स्तर के अधिकारी के भेजे जाने पर नाराज़गी जताई। पीठ ने ASG ठाकरे से कहा कि हम गंभीर आदेश पारित कर रहे हैं और आपकी ओर से केवल अवर सचिव मीटिंग में उपस्थित होते हैं? इस पर विधि अधिकारी ने भरोसा दिया कि आगे उच्च-स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे।मंगलवार को गृह सचिव को पेश होने का आदेश
पीठ ने कहा कि कल (मंगलवार) इस मामले की दोबारा सुनवाई होगी। भारत के गृह सचिव किसी भी सूरत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें ताकि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर उनसे उचित सहायता प्राप्त की जा सके।
