Sheikh Hasina Verdict: शेख हसीना को सजा-ए-मौत...1975 में पिता शेख मुजीबुर रहमान को भी सत्ता से हटाया था, सेना ने की थी पूरे परिवार की हत्या

शेख मुजीबुर रहमान ने बांग्लादेश स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्हें बांग्लादेश में 'राष्ट्रपिता' कहा जाता है। हालांकि, एक सैन्य तख्तापलट में उन्हें अपदस्थ कर दिया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद लंबे समय तक सैन्य शासन रहा। रहमान स्वतंत्र बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति थे जिनकी हत्या बांग्लादेशी सेना के एक समूह ने तख्तापलट के तहत उनके धनमंडी 32 स्थित आवास पर धावा बोलकर कर दी थी।

Sheikh Hasina Father Death in Bangladesh: बांग्लादेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाली शेख हसीना को पहले पद छोड़ने और देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। अब जहां उन्हें अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश (ICT-BD) ने फांसी की सजा सुनाई है। वह 15 साल तक देश की पीएम रहीं। शेख हसीना जब देश छोड़कर भारत शरण लेने आई तो उनके विरुद्ध मानवता विरोधी अपराध के मामले दर्ज किए गए, जहां सोमवार को सुनवाई के बाद उन्हें सजा-ए-मौत दी गई। बांग्लादेश में घटनाओं के इस मोड़ ने 1975 में हुई एक ऐसी ही घटना की याद दिला दी, जब शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान को सत्ता से हटा दिया गया था। वे 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग करने के मुख्य सूत्रधार थे।

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शेख हसीना को सजा-ए-मौत, पिता की भी हुई थी हत्या (Photo- X/PTI)

पद से हटाया...फिर हत्या

शेख मुजीबुर रहमान ने बांग्लादेश स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्हें बांग्लादेश में 'राष्ट्रपिता' कहा जाता है। हालांकि, एक सैन्य तख्तापलट में उन्हें अपदस्थ कर दिया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद लंबे समय तक सैन्य शासन रहा।

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