बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का पहला बयान सामने आया है। शेख हसीना ने न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आगे उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, जिनके नेतृत्व में हमें आजादी मिली, हमें आत्म सम्मान मिला, उनका अपमान किया गया। उन्होंने उनकी प्रतिमा को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फाइल फोटो।
शेख हसीना ने क्या कहा?
शेख हसीना ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि हाल के आतंकवादी कृत्यों, हत्याओं और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की जांच कर उनकी पहचान की जानी चाहिए तथा उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। आंदोलन के नाम पर जुलाई से जारी हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना इस समय नई दिल्ली में हैं।
लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया
बयान में हसीना ने कहा, "मैं छात्रों, शिक्षकों, पुलिस कर्मियों, गर्भवती महिलाओं, पत्रकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, कामकाजी लोगों, अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं, पैदल चलने वालों और कई प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों की मौत पर दुख व्यक्त करती हूं।"
हसीना ने 1975 की घटना को किया याद
हसीना ने 15 अगस्त, 1975 को अपने परिवार के सदस्यों की नृशंस हत्या का जिक्र करते हुए कहा, "मुझे अपने जैसे उन लोगों के प्रति सहानुभूति है, जो अपने प्रियजनों को खोने के दुख के साथ जी रहे हैं। मैं इन हत्याओं और आतंकवादी कृत्यों में शामिल लोगों की पहचान कर और उन्हें सजा देने के लिए उचित जांच की मांग करती हूं।" बता दें कि यह बयान शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद जॉय के एक्स हैंडल से जारी किया गया है।
इनपुट- भाषा
