Senior IRGC commander killed : एक अभियान के दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर की मौत हुई है। ईरान की अर्ध सरकारी तसनीम न्यूज एजेंसी ने बुधवार को बताया कि देश के दक्षिणपूर्वी हिस्से सिस्तान-बलूचिस्तान इलाके में सशस्त्र समूहों के खिलाफ चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान ब्रिगेडियर जनरल हुसैन जारिफी मारे गए। वह सारावन में स्थित IRGC के शाहिद सज्जाद ऑपरेशनल बेस के कमांडर थे। कमांडर जारिफी के मारे जाने की पुष्टि आईआरजीसी ग्राउंड फोर्स की कुद्स बेस की ओर से जारी बयान में भी की गई है।
अभियान के दौरान आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडर की मौत।
सशस्त्र समूह के पांच सदस्य मारे गए
IRGC ने कहा कि इस अभियान के दौरान एक सशस्त्र समूह के पांच सदस्य मारे गए, जबकि कई अन्य को गिरफ्तार किया गया। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने मारे गए लोगों को एक उग्रवादी संगठन का सदस्य बताया, लेकिन संगठन का नाम नहीं बताया। इन दावों और हताहतों के आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
13 सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए
इससे पहले बुधवार को तसनीम ने रिपोर्ट किया था कि ईरानी सुरक्षा बलों ने सरावान के जहादाबाद इलाके में एक ठिकाने के खिलाफ अभियान शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्थान पर कुछ हथियारबंद लोग जमा हुए थे। ईरान इंटरनेशनल ने बलोच अधिकार संगठन हालवश के हवाले से बताया कि इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों के कम से कम 13 सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, इस आंकड़े की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
बलूचिस्तान क्षेत्र में एक दशक से अधिक समय तक सेवा
पाकिस्तान की सीमा के करीब स्थित सरावान में ईरानी सुरक्षा बलों और सशस्त्र समूहों के बीच बार-बार झड़पें होती रही हैं। 12 सितंबर को IRGC ने कहा था कि इलाके में एक अन्य अभियान के दौरान ईरान के तीन खुफिया एवं सुरक्षा कर्मी और चार संदिग्ध उग्रवादी मारे गए थे। IRGC के मुताबिक, जरीफी ने दक्षिणी सिस्तान और बलूचिस्तान क्षेत्र में एक दशक से अधिक समय तक सेवा दी थी। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को सरावान में किया जाएगा।
