Pahalgam Terrorist Attack: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। पहलगाम में भयानक आतंकवादी हमले में जान गंवाने वालों के लिए दुख व्यक्त करते हुए रुबियो ने भारत को पाकिस्तान के साथ मिलकर तनाव कम करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद ने कहा कि कल अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा की। इसके अपराधियों, समर्थकों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। बता दें, पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए क्रूर हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तान द्वारा बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पहलगाम मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर से की बात
भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाए कई सख्त कदम
भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित रखना और अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट को बंद करना शामिल है। भारत ने उच्चायोगों की ताकत को कम करने का भी फैसला किया है। सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी तरह से परिचालन स्वतंत्रता दी है। भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान सेना की अकारण छोटे हथियारों से की गई गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सेना ने 27-28 अप्रैल की रात को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा और पुंछ जिलों के विपरीत इलाकों में संघर्ष विराम उल्लंघन का तेजी से जवाब दिया। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना ने 26-27 अप्रैल की रात को तुतमारी गली और रामपुर सेक्टर के विपरीत इलाकों में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का भी प्रभावी ढंग से जवाब दिया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई । CCS को दी गई ब्रीफिंग में आतंकी हमले के सीमा पार संबंधों को सामने लाया गया। इस बात पर गौर किया गया कि यह हमला जम्मू-कश्मीर में चुनावों के सफल आयोजन और आर्थिक वृद्धि और विकास की दिशा में इसकी निरंतर प्रगति के मद्देनजर हुआ है।
