UN General Assembly 2025: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पड़ोसी पाकिस्तान के झूठ की पोल खोली और कहा कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है और वहां पर आतंकवाद का गुणगान होता है।
विदेश मंत्रालय एस जयशंकर (फोटो साभार: @DrSJaishankar)
PAK पर जमकर बरसे जयशंकर
जयशंकर ने यूएनजीए के मंच से पाकिस्तान पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत आजादी के बाद से ही इस चुनौती का सामना कर रहा है, क्योंकि उसका पड़ोसी वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है। दशकों से बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों का श्रेय उसी देश को जाता है। संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में उसके नागरिकों के नाम भरे पड़े हैं। सीमा पार बर्बरता का सबसे ताजा उदाहरण पहलगाम निर्दोष पर्यटकों की हत्या था।
उन्होंने आगे कहा कि हमें अपने अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ खतरों का भी दृढ़ता से सामना करना होगा। आतंकवाद का मुकाबला करना हमारी विशेष प्राथमिकता है, क्योंकि यह नफ़रत, हिंसा, असहिष्णुता और डर को मिलाकर फैलाता है।
जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद एक साझा खतरा है, इसलिए जरूरी है कि इसमें और भी गहरा अंतरराष्ट्रीय सहयोग हो। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने औद्योगिक पैमाने पर काम कर रहे हैं। आतंकवादियों की सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा होती है। आतंकवाद की फंडिंग को रोकना बेहद जरूरी है और प्रमुख आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण आतंकी नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाए रखना जरूरी है।
'संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता हो गई चौगुनी'
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद से इतिहास द्वारा उभरी शक्तियों ने इस संस्था को आगे बढ़ाया है। जैसे-जैसे उपनिवेशवाद का अंत हुआ, दुनिया अपनी प्राकृतिक विविधता की ओर लौटने लगी। संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता चौगुनी हो गई और संगठन की भूमिका और कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वैश्वीकरण के युग में, इसका एजेंडा और भी विकसित हुआ। विकास का एजेंडा केंद्र में आ गए, जबकि जलवायु परिवर्तन एक साझा प्राथमिकता के रूप में उभरा। व्यापार को अधिक प्रमुखता मिली, जबकि खाद्य और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को वैश्विक कल्याण के लिए आवश्यक माना गया।
