India Maldives relations: लक्षद्वीप पर रिश्तों में आई तल्खी एवं तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर की मालदीव के अपने समकक्ष मूसा जमीर से मुलाकात और बातचीत हुई है। दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह बैठक यूगांडा के कंपाला में NAM सम्मेलन से इतर हुई है। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि 'दोनों देशों के बीच स्पष्ट वार्ता हुई।' इस मुलाकात के बारे में भारतीय विदेश मंत्री ने X पर अपने पोस्ट में कहा कि कंपाला में आज मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर से मुलाकात हुई। इस मुलाकात में भारत और मालदीव के संबंधों पर स्पष्ट एवं ईमानदारी पूर्वक बातचीत हुई। यही नहीं NAM से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
'भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी पर चर्चा'
जमीर ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एनएएम शिखर सम्मेलन के दौरान जयशंकर से मिलना खुशी की बात थी। उन्होंने लिखा, 'हमने भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी के साथ-साथ मालदीव में चल रही विकास परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी लाने और दक्षेस तथा एनएएम के भीतर सहयोग पर चल रही उच्च-स्तरीय चर्चा पर विचारों का आदान-प्रदान किया।' मालदीव के मंत्री ने लिखा, 'हम अपने सहयोग को और मजबूत और विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' उन्होंने इस मुलाकात की एक तस्वीर भी पोस्ट की।
भारत अपनी परियोजनाओं को पूरा करेगा
अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत मालदीव में विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं के कार्यान्वयन सहित देश के साथ अपने विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘हम अपनी परियोजनाओं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मालदीव के एक महत्वपूर्ण विकास भागीदार रहे हैं।’
दिल्ली में होगी बैठक
मालदीव द्वारा भारतीय सैनिकों की वापसी पर जोर देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले पर भारत-मालदीव ‘कोर ग्रुप’की अगली बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा। ‘कोर ग्रुप’ की अगली बैठक अगले महीने की शुरुआत में नयी दिल्ली में होने वाली है। भारत-मालदीव संबंधों में हाल में कुछ तनाव आ गया, क्योंकि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने नवंबर में राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कहा कि वह भारतीय सैन्यकर्मियों को अपने देश से बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे। मुइज्जू को व्यापक रूप से चीन समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है।
पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी
इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया पर तब विवाद खड़ा हो गया, जब मालदीव के एक मंत्री और कुछ अन्य नेताओं ने लक्षद्वीप के एक समुद्र तट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक वीडियो पोस्ट करने के बाद उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।
