RUSSIA-UKRAINE WAR: पुतिन एंड कंपनी ने सोमवार को लगातार 83 मिसाइल फायर कर यूक्रेन को ये बता दिया था कि उसके पास युद्द के सैन्य सामानों की कोई कमी नही है। साथ ही क्रिमिया पुल पर हुए अटैक का बदले लेते हुए कहा था कि ये तो अभी पहला चैप्टर है। वहीं इस तनातनी के बीच अब बेलारूस भी मैदान में आ गया है। बेलारूस के रक्षा मंत्रालय ने रूस के साथ नया सैन्य समझौता किया, जिसके तहत बेलारूस की जमीन पर अब रूसी सैनिक भी साथ में मोर्चा संभाले नजर आ रहे हैं। बेलारूस के यु्द्द के मैदान में इस घोषणा से यूक्रेन की टेंशन बढ़ना लाजमी है, क्योंकि बेलारूस भी यूक्रेन का पड़ोसी देश है और अब पुतिन की सेना बेलारूस फ्रंट से भी यूक्रेन को घेरने की कोशिश कर सकती है।
यूक्रेन पर रूस ने हमले किए तेज।
Echelons with Russian servicemen, who are part of the regional grouping of troops, arrived in Belarus. They are sai… t.co/RlDNylP9FF
— ANI (@ANI) Oct 15, 2022
बेलारूस पर हमला करने की साजिश रच रहा है यूक्रेन-अलेक्जेंडर लुकाशेंको
बेलारूस के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि बेलारूस के सैनिकों के साथ एक नए संयुक्त बल में भाग लेने वाले पहले रूसी सैनिक बेलारूस पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका मिशन "विशेष रूप से सीमा की सुरक्षा और रक्षा को मजबूत करना है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने दावा किया था कि यूक्रेन उनके देश पर हमला करने की साजिश रच रहा है और उन्होंने मॉस्को के साथ एक ज्वाइंट फोर्स की घोषणा की थी। लुकाशेंको ने पोलैंड, लिथुआनिया और यूक्रेन पर बेलारूसी कट्टरपंथियों को "तोड़फोड़, आतंकवादी हमलों को अंजाम देने और देश में एक सैन्य विद्रोह आयोजित करने" का प्रशिक्षण देने का आरोप लगाया था।बेलारूस की इस घोषणा के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मंगलवार को जी-7 की बैठक में रूस पर "बेलारूस को सीधे इस युद्ध में शामिल करने की कोशिश" करने का आरोप लगाया था। बेलारूस की इस घोषणा के बाद जेलेंस्की ने यूक्रेन-बेलारूस सीमा पर एक अंतरराष्ट्रीय मॉनीटर मिशन को स्थापित करने की मांग की थी।
पुतिन के बेहद करीबी माने जाते हैं लुकाशेंको
लुकाशेंको रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बेहद करीबी माने जाते हैं। फरवरी में कीव के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के लिए मॉस्को के सैनिकों को बेलारूस के क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी थी। और अब रूस और बेलारूस का फिर से गठजोड़ होना कहीं न कहीं नए सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या यूक्रेन के खिलाफ जंग में अब बेलारूस की सेना भी युद्ध के मैदान में मोर्चा खोलेगी, क्योंकि अब तक बेलारूस के सैनिक सीधे रूप से यूक्रेन के खिलाफ नहीं लड़ रहे थे।
