Russia Vs Britain: रूस ने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) अभियोजक और ब्रिटेन के मंत्रियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। जिन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की गिरफ्तारी की मांग की थी। ब्रिटेन के मंत्रियों के खिलाफ रूस ने इसलिए सख्ती दिखाई है, क्योंकि उन्होंने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण का विरोध किया था। रूस के इस फैसले की सूचना राज्य एजेंसी TASS ने दी है। आपको इस विवाद की पूरी वजह समझाते हैं।
रूस ने आईसीसी अभियोजक और ब्रिटेन के मंत्रियों पर प्रतिबंधों की घोषणा की।
ब्रिटेन और रूस के बीच बढ़ा विवाद!
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मॉस्को ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए ब्रिटेन के 54 नागरिकों को रूस में प्रवेश करने से रोककर अपनी स्टॉप-लिस्ट का विस्तार किया है। मंत्रालय के अनुसार, 'इस लिस्ट में अब लुसी फ्रेज़र (ब्रिटेन की यूके की डिजिटल, संस्कृति, मीडिया और खेल सचिव) भी शामिल हैं। जो रूस के अंतरराष्ट्रीय खेल अलगाव को बढ़ावा दे रही हैं।' रूस ने आगे बताया कि लिस्ट में अन्य ब्रिटेन के नागरिकों में बीबीसी, गार्जियन मीडिया ग्रुप और डेली टेलीग्राफ के पत्रकार, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजक करीम खान शामिल हैं। जिन्होंने रूसी नेतृत्व पुतिन की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कदम उठाया था।
ब्रिटेन के 54 नागरिकों को रूस में नो-एंट्री
रूसी मंत्रालय ने अपने इस कदम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि 'लंदन द्वारा हमारे नागरिकों और घरेलू आर्थिक ऑपरेटरों पर एकतरफा प्रतिबंध लगाया गया है। जो रूस के प्रति एक दुश्मनी को दर्शाती है। इस तरह विरोध नीति के चलते हमने मुंहतोड़ जवाब देते हुए हमने अपने स्टॉप लिस्ट का विस्तार किया और इसमें ब्रिटेन के राजनीतिक हलकों के प्रतिनिधियों, पेशेवर कानूनी समुदाय और प्रेस कोर के कुल 54 लोगों को शामिल किया है।
स्टॉप-लिस्ट के विस्तार का काम रहेगा जारी
रूसी राजनयिक एजेंसी ने कहा कि लंदन द्वारा 'रूस विरोधी प्रतिबंधों के चक्रव्यूह' को आगे बढ़ाने के किसी भी कोशिश को मुकम्मल नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे तंत्रो को मॉस्को में स्वीकार नहीं किया जाएगा। रूसी मंत्रालय ने आगे इस बात पर जोर दिया कि यूके सरकार की कार्रवाइयों के जवाब में रूसी स्टॉप-लिस्ट के विस्तार पर काम जारी रहेगा।
