Anti-Israel Protests in America University: फिलिस्तीन के समर्थन और गाजा पर इजरायल के हमले के विरोध में पूरे अमेरिका में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। खासकर, अमेरिकी विश्वविद्यालय प्रदर्शनों के केंद्र बन गए हैं। विरोध-प्रदर्शनों के बाद अब तक अमेरिका में 550 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है प्रशासन के साथ उनका गतिरोध पैदा हो गया और और वे तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे जब तक कि उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
अमेरिकी विश्वविद्यालय में इजरायल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन।
गाजा पर इजरायल के हमले में मरने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने और मानवीय संकट गहराने के बाद अमेरिकी विश्वविद्यालयों में प्रदर्शनकारी छात्र इजरायल को दी जाने वाली स्कूली आर्थिक मदद रोकने और संघर्ष बढ़ाने वाली कंपनियों से दूरी बनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से यहां पढ़ने वाले यहूदी छात्र डरे हुए हैं, उनका कहना है कि ये प्रदर्शन यहूदी विरोध में प्रवेश कर गए हैं। इससे विश्वविद्यालय आने को लेकर वे आशंकित हैं।
भारतीय छात्रा गिरफ्तार
अमेरिका में फलस्तीन के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन करने वाली एक भारतीय छात्रा को गिरफ्तार किया गया है। भारतीय मूल की महिला छात्रा अमेरिका के प्रतिष्ठित प्रिंसटन विश्वविद्यालय में पढ़ती है। विश्वविद्यालय का कहना है कि छात्रा का नाम अचिंत्य शिवलिंगन है। अंचित्य तमिलनाडु के कोयंबटूर में जन्मी है। इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हुई है। छात्रा को यूनिवर्सिटी ने बाहर निकाल दिया है।
ख्यामनी जेम्स के परिसर में आने पर बैन
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में इजरायल विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों के नेताओं में से एक ख्यामनी जेम्स को परिसर में आने पर रोक लगा दी गई है। एक वीडियो में वह कहते पाए गए कि 'यहूदियों इस दुनिया में रहने लायक नहीं है और उनकी हत्या कर दी जानी चाहिए।' बाद में जेम्स ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने आवेग में आकर ये बातें कह दीं।
इन विश्वविद्यालयों में हो रहे प्रदर्शन
जिन विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं वो हैं न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, कोलंबिया यूनिवर्सिटी, बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन। इनमें भी सबसे ज्यादा प्रदर्शन कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हो रहे हैं। बॉस्टन के एमरसन कॉलेज और टफ्ट्स यूनिवर्सिटी में भी विरोध-प्रदर्शन होने की बात सामने आई है।
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टेंट लगाकर डेरा डाल
मैककॉश के प्रांगण में फलस्तीन के समर्थन में टेंट लगाकर डेरा डाल लिया। साप्ताहिक कॉलेज पत्रिका ‘प्रिंसटन एलुमनी’ ने अपनी खबर में बताया है कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों की चेतावनी के बाद प्रिंसटन के दो विद्यार्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया और टेंट को हटा दिया गया, लेकिन अन्य प्रदर्शनकारियों ने धरना जारी रखा।
प्रदर्शनकारियों को पहली चेतावनी जारी की
विद्यार्थियों द्वारा टेंट लगाए जाने के बाद प्रिंसटन पब्लिक सेफ्टी (पीसेफ) ने प्रदर्शनकारियों को पहली चेतावनी जारी की है। कम से कम दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। दैनिक कॉलेज अखबार ‘प्रिंसटोनियन’ ने खबर में बताया कि गिरफ्तारी के बाद विद्यार्थियों ने टेंट हटा लिया। पहला टेंट लगाने की कवायद के छह मिनट के भीतर ही दोनों विद्यार्थियों- अचिंत्य शिवलिंगम और हसन सैयद को गिरफ्तार कर लिया गया। विश्वविद्यालय की प्रवक्ता जेनिफर मॉरिल ने कहा, ‘दो विद्यार्थियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने तक तत्काल प्रभाव से परिसर में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।’
