India Russia Ties: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद, पुतिन दिसंबर में भारत की यात्रा भी करेंगे। क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (दाएं) (फाइल फोटो: @narendramodi)
कब होगी मुलाकात?
पीएम मोदी और पुतिन दोनों 31 अगस्त से एक सितम्बर तक एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा करेंगे। उशाकोव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘एससीओ प्लस बैठक (एक सितंबर को) के ठीक बाद, हमारे राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि यह इस वर्ष उनकी पहली बैठक होगी। हालांकि, वे फोन पर नियमित रूप से संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश एक विशेष रणनीतिक साझेदारी से बंधे हैं। उशाकोव ने कहा कि इस संबंध में एक प्रासंगिक वक्तव्य दिसंबर 2010 में पारित किया गया था, जिसका अर्थ है कि इस वर्ष उस घटना के 15 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विशेष रूप से महत्वपूर्ण बात यह है कि दिसंबर में हमारे राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।’’
सनद रहे कि पीएम मोदी पिछले साल पुतिन के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन और कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दो बार रूस गए थे। रूसी राष्ट्रपति वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया है, जिसमें भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। रूसी कच्चे तेल की अपनी खरीद का बचाव करते हुए भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाज़ार की गतिशीलता से प्रेरित है।
