PM Modi in Maldives : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मालदीव में शुक्रवार को जोरदार स्वागत हुआ। राजधानी माले में प्रधानमंत्री के स्वागत में रेड कॉर्पेट बिछाई गई और उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया। पीएम मोदी और भारत के सम्मान में 21 तोपों की सलामी दी गई। यहां पीएम ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और मालदीव सरकार के मंत्रियों से मुलाकात की। भारत और मालदीव के रिश्ते में करीब डेढ़ साल बाद गर्मजोशी और रवानगी देखने को मिली है। दरअसल, मालदीव के कुछ मंत्रियों की बेतुकी बयानबाजी की वजह से दोनों देशों के रिश्ते पटरी से उतर गए थे। इस यात्रा में पीएम मोदी के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी हैं।
दो दिन की यात्रा पर मालदीव पहुंचे हैं प्रधानमंत्री मोदी। तस्वीर-ANI
मालदीव की दो दिन की यात्रा पर हैं पीएम
पीएम मोदी दो दिन की अपनी यात्रा पर मालदीव पहुंचे हैं। वह द्वीपीय देश के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। पीएम मोदी ब्रिटेन से माले पहुंचे। पीएम का विमान जब माले एयरपोर्ट पहुंचा तो उनका स्वागत और अगवानी खुद राष्ट्रपति मोइज्जू ने की। इस दौरान मोइज्जू के साथ उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री के स्वागत में बच्चों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया।
ब्रिटेन से मालदीव पहुंचे पीएम
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह राजकीय यात्रा किसी शासनाध्यक्ष की पहली राजकीय यात्रा भी है, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति मुइज्जू नवंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से कर रहे हैं। मोदी ब्रिटेन की दो दिवसीय यात्रा से यहां पहुंचे हैं, जिसके दौरान दोनों देशों ने कार, वस्त्रों, व्हिस्की और कई अन्य उत्पादों पर शुल्क समाप्त करके द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए।
भारत-मालदीव के रिश्ते में आया अहम मोड़
मोदी की मालदीव यात्रा को मुइज्जू के शासनकाल में दोनों देशों के बीच संबंधों में ठहराव आने के बाद एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री 26 जुलाई को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। वह राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ व्यापक वार्ता भी करेंगे और द्वीपीय राष्ट्र में भारत की सहायता से चलने वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ
मोदी ने दोनों देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले कहा था, ‘इस वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ भी है।’
उन्होंने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति मुइज्जू और अन्य राजनीतिक नेतृत्व के साथ अपनी बैठकों के लिए उत्सुक हूं, ताकि व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के हमारे संयुक्त दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जा सके तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए हमारा सहयोग मजबूत हो।’
