PM Modi Three Naition Visit: बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत अपनी विदेश नीति और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से 11 जुलाई तक इंडो-पैसिफिक (Indo Pacific Tour 2026) क्षेत्र के तीन प्रमुख देशों—इंडोनेशिया (PM Modi Indonesia Visit), ऑस्ट्रेलिया (PM Modi Australia Visit) और न्यूजीलैंड (PM Modi New Zealand Visit) के बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे।
PM मोदी का 6 दिवसीय विदेश दौरा (फाइल फोटो)
इस छह दिनों की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय बातचीत, व्यापारिक समझौते और भारतीय प्रवासियों से मुलाकात इस पूरे दौरे का मुख्य केंद्र बिंदु होंगे। 12 जुलाई को प्रधानमंत्री वापस नई दिल्ली लौटेंगे।
इंडोनेशिया से होगी शुरुआत
प्रधानमंत्री के इस दौरे की शुरुआत इंडोनेशिया से होगी, जो आसियान (ASEAN) देशों में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी राजधानी जकार्ता में द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
इसके बाद वे वहां के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर 'योग्याकार्ता' भी जाएंगे। यहां वे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल 'प्रम्बानन मंदिर परिसर' का दौरा करेंगे, जिसके संरक्षण और विकास के लिए भारत और इंडोनेशिया मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं।
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ऑस्ट्रेलिया में 'क्रिटिकल मिनरल्स' पर रहेगी नजर
दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर पहुंचेंगे, जहां वे तीसरे 'भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेंगे। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही 'क्वाड' (Quad) के मजबूत साझेदार हैं। इस बैठक में रक्षा सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश पर गहन चर्चा होगी।
भारत के लिए यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया लिथियम और कोबाल्ट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स का बड़ा स्रोत है, जो भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर मिशन के लिए बेहद जरूरी हैं।
40 साल बाद किसी भारतीय पीएम का ऐतिहासिक दौरा
इस दौरे का आखिरी और सबसे ऐतिहासिक पड़ाव न्यूजीलैंड होगा। लगभग चार दशकों (40 साल) के लंबे इंतजार के बाद यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जा रहा है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में मॉरीशस और सेशेल्स जैसी यात्राओं के जरिए पश्चिमी हिंद महासागर पर ध्यान देने के बाद, अब भारत का पूरा फोकस 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत पूर्वी समुद्री क्षेत्रों और प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ रिश्ते मजबूत करने पर है।
