Pakistan News : पाकिस्तान में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए और देश भर में हिंसक उत्पात मचाया। अब सत्तारूढ़ पाकिस्तान डेमोक्रेटिट मूवमेंट (PDM) के समर्थक सुप्रीम कोर्ट का घेराव करने पहुंच गए हैं। प्रदर्शनकारियों में सत्तारूढ़ पीडीएम में शामिल जमीयत उलेमा ए इस्लाम फज्ल के समर्थक भी हैं।
इमरान खान के खिलाफ सत्तारूढ़ दलों का प्रदर्शन।
इस्लामाबाद में धारा 144 लागू
इस संगठन के समर्थक शहर में दाखिल हो चुके हैं और इन्होंने रेड जोन में दाखिल होने की कोशिश की। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू है। बता दें कि पीडीएम के मुखिया मौलाना फजल उर रहमान ने गत शुक्रवार को कहा कि इमरान खान पर प्रधान न्यायाधीश उमर अता बांदियाल के फैसले के खिलाफ उनके समर्थक सुप्रीम कोर्ट के बाहर धरने पर बैठेंगे।
इमरान की रिहाई के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन
पीडीएम में 13 राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं। बता दें कि जस्टिस बांदियाल ने गिरफ्तार इमरान खान को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद चीफ जस्टिस पीपीपी, पीएमएल-एन सहित सत्तारूढ़ दलों के निशाने पर आ गए। इमरान खान को रिहा करने के चीफ जस्टिस के फैसले का राजनीतिक विरोध बढ़ता जा रहा है। पीएमएल-क्यू ने कहा है कि वह पीडीएम के धरने में शामिल होगी। धरने में शामिल होने के लिए पीएमएल-एन समर्थकों का एस जत्था रावलपिंडी से रवाना हुआ।
मुझे 10 साल तक जेल में रखने की साजिश-इमरान
इस बीच, इमरान खान ने शहबाज सरकार और सेना पर निशाना साधा है। खान ने सोमवार को दावा किया कि देश के शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान ने उन्हें राजद्रोह के आरोप में अगले 10 साल तक जेल में रखने की योजना बनाई है। खान ने अपने खून के आखिरी कतरे तक ‘अपराधियों के गुट ’के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प जताया।
'लंदन की पूरी योजना सामने आ गई है'
इमरान ने अपने एक ट्टवीट में कहा, ‘तो अब लंदन की पूरी योजना सामने आ गई है। जब मैं जेल में था, तब हुई हिंसा के बहाने उन्होंने न्यायाधीश, ज्यूरी और जल्लाद की भूमिका अपना ली। अब बुशरा बेगम (खान की पत्नी) को जेल में डाल कर मुझे अपमानित करने और राजद्रोह कानून का इस्तेमाल करके अगले 10 साल तक मुझे जेल में रखने की योजना है।’
