फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं होगी- ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा पर भड़के नेतन्याहू

अमेरिका और इजराइल सरकार के साथ-साथ विभिन्न आलोचकों ने इस योजना की निंदा करते हुए कहा है कि यह हमास और आतंकवाद को बढ़ावा देगी। आलोचकों का तर्क है कि मान्यता देना अनैतिक और एक खोखला कदम है, क्योंकि फलस्तीनी लोग दो क्षेत्रों- वेस्ट बैंक और गाजा- में विभाजित हैं, जिनकी कोई मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय राजधानी नहीं है।

पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव सामने आया है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने रविवार को संयुक्त रूप से फलस्तीनी राष्ट्र को औपचारिक मान्यता देने की घोषणा की। यह कदम अमेरिका और इजराइल के विरोध के बावजूद उठाया गया है। राष्ट्रमंडल के इन तीनों देशों की पहल गाजा में जारी युद्ध के बीच इजराइल की कार्रवाइयों के प्रति बढ़ते आक्रोश को दर्शाती है। वहीं इन तीनों देशों के इस कदम पर इजराइल भड़का हुआ दिख रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना "नहीं होगी।"

End of Feed