Pakistan Passport: आर्थिक संकट में घिरे पाकिस्तान की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब लेमिनेशन पेपर की कमी के कारण पाकिस्तानी नागरिकों को अपने पासपोर्ट हासिल करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के आव्रजन और पासपोर्ट महानिदेशालय (DGI&P) का हवाला देते हुए द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि लेमिनेशन पेपर की कमी के कारण देश भर में पासपोर्ट की कमी हो गई है। पासपोर्ट बनाने में लेमिनेशन पेपर का ही इस्तेमाल होता है और आमतौर पर इसे फ्रांस से आयात किया जाता है। देश भर में लोग परेशान हैं और विदेश जाकर पढ़ाई करने और देश से बाहर जाने की उनकी उम्मीदें टूट गई हैं।
पाकिस्तान पासपोर्ट
छात्रों का टूटा सपना
इंग्लैंड या इटली जैसे देशों में विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने वाले कई छात्र यहां नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि उन्हें समय पर पासपोर्ट नहीं मिला। इन्होंने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि उन्हें सरकारी विभाग की अक्षमता की कीमत चुकानी पड़ रही है। आंतरिक मंत्रालय के मीडिया महानिदेशक कादिर यार तिवाना ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार संकट को हल करने के लिए काम कर रही है और स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ जाएगी। हालांकि, लोग संशय में हैं और उन्हें अपने यात्रा दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं।
पासपोर्ट विभाग कर रहा सिर्फ वादे
आमिर नाम के शख्स ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि उन्हें अक्टूबर में डीजीआई एंड पी से एक संदेश मिला था जिसमें कहा गया था कि उनका पासपोर्ट तैयार है, लेकिन जब वह कार्यालय पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनका पासपोर्ट अभी तक नहीं आया है। इसी तरह मुहम्मद इमरान ने भी कहा कि पासपोर्ट कार्यालय सितंबर से वादा कर रहा था कि उनका दस्तावेज़ अगले सप्ताह आ जाएगा, लेकिन कई सप्ताह बीत गए और वह अभी तक नहीं आया है।
महज 12 से 13 पासपोर्ट ही बन रहे
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों ने पुष्टि की है कि वे रोजाना काफी कम संख्या में पासपोर्ट की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। पहले रोजाना 3,000 से 4,000 पासपोर्ट बनते थे जो अब महज 12 से 13 हो गए हैं। स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, जिससे कई आवेदक असमंजस की स्थिति में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा स्थिति कोई अकेली घटना नहीं है। 2013 में, DGI&P द्वारा प्रिंटरों को पैसा नहीं देने और लेमिनेशन पेपर्स की कमी के कारण पाकिस्तान में पासपोर्ट की छपाई रुक गई थी।
