Pakistan Latest News: पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोपों को लेकर फिर से जबरदस्त बवाल देखने को मिला है। बुधवार (16 अगस्त, 2023) को वहां के कई गिरजाघरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया गया। बेकाबू उपद्रवी इस दौरान कथित तौर पर एक गिराजघर की छत पर भी चढ़ गए थे और इसके बाद उन्होंने वहां लगे ईसाइयों के पवित्र चिह्न क्रॉस को उखाड़ फेंका था। हंगागे के बीच ईशनिंदा के आरोपी ईसाई सफाईकर्मी का घर भी ढहा दिया गया, जबकि बिशप मदद के लिए परेशान नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस वक्त बाइबिलका अपमान हो रहा था तब पुलिस सिर्फ तमाशबीन बनी हुई थी।
पाकिस्तान में उपद्रवियों ने गिरजाघरों के भीतर आगजनी भी की। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
पाक न्यूज़ पोर्टल ‘डॉन डॉट कॉम’ ने जरानवाला तहसील के पादरी इमरान भट्टी के हवाले से बताया कि फैसलाबाद के जरानवाला जिले के ईसा नगरी इलाके में साल्वेशन आर्मी चर्च, यूनाइटेड प्रेस्बिटेरियन चर्च, एलाइड फाउंडेशन चर्च और शहरूनवाला चर्च में तोड़फोड़ हुई। साथ ही ईशनिंदा के आरोपी ईसाई सफाईकर्मी का घर भी ढहा दिया गया।
इस बीच, पंजाब प्रांत के पुलिस प्रमुख उस्मान अनवर ने बताया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रही है। फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। क्षेत्र में संकरी गलियां हैं, जिनमें दो से तीन छोटे मरला गिरजाघर हैं और एक मुख्य चर्च है...भीड़ ने गिरजाघर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की है। शांति समितियों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए और पूरे प्रांत में पुलिस को सक्रिय कर दिया गया।
अनवर के अनुसार, ‘‘इलाके के सहायक आयुक्त ईसाई समुदाय के सदस्य हैं। उन्हें भी लोगों के विरोध के बाद वहां से हटा दिया गया।’’ हालांकि, पुलिस के दावों से इतर ईसाई नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। चर्च ऑफ पाकिस्तान के अध्यक्ष बिशप आजाद मार्शल ने बताया, ‘‘बाइबिल का अपमान किया गया और ईसाइयों पर पवित्र कुरान का उल्लंघन करने का झूठा आरोप लगाया गया। साथ ही उन्हें प्रताड़ित किया गया।’’
उन्होंने माइक्रो ब्लॉगिंग मंच ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट में बताया, ‘‘हम कानून प्रवर्तन और न्याय देने वालों से न्याय और कार्रवाई की मांग करते हैं और सभी नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत हस्तक्षेप की मांग करते हैं। हम चाहते हैं कि हमें इस बात का यकीन दिलाया जाए कि हमारी अपनी मातृभूमि में हमारा जीवन मूल्यवान है, जहां अभी-अभी स्वतंत्रता और आजादी का जश्न मनाया है। सभी पादरी, बिशप और आम लोग इस घटना से ‘‘बेहद दुखी और व्यथित’’ हैं।’’
वैसे, पूर्व सीनेटर अफरासियाब खटक ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी राज्य इस्लाम के अलावा अन्य धर्मों को मानने वाले लोगों के पूजा स्थलों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहा है। धर्म के नाम पर किए गए अपराधों के लिए छूट ने चरमपंथियों और आतंकवादियों को प्रोत्साहित किया है।’’ हालांकि, पाकिस्तान में ईसाइयों और हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर अक्सर ईशनिंदा के आरोप लगाए जाते रहे हैं और कुछ पर कठोर ईशनिंदा कानून के तहत मुकदमा चलाया गया और उन्हें सजा भी दी गई है।
