Bankrupt Pakistan: आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान से रोज-रोज नई खबरें आ रही हैं। दिवालियापन के बीच पाकिस्तान में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने कराची और लाहौर के दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की पट्टे पर देने का फैसला किया है। पहले चरण में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को नए इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पट्टे पर दिया जाएगा। लेकिन इसे लेकर भी उसके सामने कई दिक्कतें आ रही हैं। कर्ज में डूबे पीआईए सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार
आउटसोर्सिंग पर विचार
द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इस संपत्ति को अन्य हवाई अड्डों की तुलना में साफ-सुथरे लेनदेन के रूप में घोषित किया गया है। इसलिए पाकिस्तानी सरकार जल्द से जल्द इसके आउटसोर्सिंग पर विचार कर रही है। लेकिन साथ ही इसमें कुछ बड़ी दिक्कतें भी हैं।
वित्त मंत्री इशाक डार के सामने एक प्रजेंटेशन में अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने जिक्र किया है कि इन तीन हवाई अड्डों के संचालन में रुचि रखने वाली कंपनियां सामने आई हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक किसी भी हवाई अड्डे के लिए आउटसोर्सिंग का विज्ञापन नहीं किया है। कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें हवाई अड्डे को किसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी को सौंपने से पहले सुलझाया जाना जरूरी है। जैसे कि राष्ट्रीय एयरलाइंस पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) इन हवाई अड्डों का डिफॉल्टर बन गया है।
पीआईए के ऊपर देनदारियां
द न्यूज के मुताबिक, भले ही सरकार पीआईए की पिछली देनदारियों को अपने ऊपर ले ले, फिर भी नया हवाईअड्डा संचालक पीआईए को मुफ्त सुविधाएं कैसे देगा। यह उन प्रमुख मुद्दों में से एक है जिसके समाधान की जरूरत है। सूत्रों ने कहा कि कराची और लाहौर में हवाई अड्डों के कुछ हिस्सों पर कुछ एजेंसियों का कब्जा है, इसलिए स्थायी समाधान जरूरी है क्योंकि संभावित निवेशक पूरे हवाई अड्डे का उपयोग वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए करना चाहेंगे।
