पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और गैंगरेप मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस पूरी वारदात के पीछे करोड़ों डॉलर के क्रिप्टोकरेंसी विवाद का हाथ था। बता दें कि इस मामले में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के रिश्तेदार रजा डार (कुछ रिपोर्टों में उन्हें उनका पोता बताया गया है) भी आरोपियों में शामिल हैं।
दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और गैंगरेप मामले में इशाक डार का पोता गिरफ्तार। AI IMAGE
पीड़िताओं में से एक एस्ट्रिड गैब्रिएला रॉबिन्सन ब्राचो ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए बयान में आरोप लगाया कि लाहौर पहुंचने के कुछ ही समय बाद हथियारबंद लोग उनके ठिकाने पर घुस आए। उन्होंने दोनों महिलाओं को बंधक बना लिया और एक कंप्यूटर में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी एसेट्स तक पहुंच की मांग की। पीड़िता का आरोप है कि रजा डार लगातार पैसे और पासवर्ड मांगता रहा तथा धमकी दी गई कि यदि रकम नहीं दी गई तो दोनों को मार दिया जाएगा।
पीड़िता की मां ने की पैसे की व्यवस्था
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे एक कमरे में ले जाकर दो लोगों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, जबकि एक अन्य आरोपी हथियार लेकर पहरा देता रहा। उसके मुताबिक, आरोपियों ने उसके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर परिचितों से पैसे मंगाने की कोशिश की। बाद में दूसरी पीड़िता की मां ने कथित तौर पर एक लाख अमेरिकी डॉलर की व्यवस्था की, जिसके बाद दोनों महिलाओं को उनके पासपोर्ट लौटाकर एयरपोर्ट की ओर भेज दिया गया। रास्ते में पीड़िता ने कथित तौर पर एक आरोपी को फोन पर यह कहते सुना कि "बॉस के निर्देश अलग हैं।"
लाहौर की एक अदालत ने रजा डार, हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में इस्तेमाल किए गए हथियारों और कथित तौर पर वसूली गई रकम की बरामदगी अभी बाकी है। अदालत ने पुलिस को जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है और आरोपियों को 8 जुलाई को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
