Balochistan Section 144: पाकिस्तान (Pakistan) केबलूचिस्तान सरकार ने रविवार को पूरे प्रांत में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी। 'प्रांतीय सरकार ने पूरे प्रांत में 30 दिनों के लिए पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के जमावड़े पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही धरने, जुलूस या रैलियां भी नहीं कर सकेंगे। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
Pakistan: पाकिस्तान की पकड़ से बाहर जा रहा बलूचिस्तान, प्रांत बचाने को उठाया एक महीने का ये बड़ा कदम
पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने के अलावा, एक नोटिफिकेशन में कहा गया कि प्रांतीय सरकार ने पूरे प्रांत में 30 दिनों के लिए सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढकने पर भी बैन लगा दिया है। बताया गया कि खास तौर पर मफलर, मास्क या किसी भी ऐसे तरीके से चेहरा ढकने से मना किया हया है, जिससे पहचान छिप जाए। साथ ही हथियारों का प्रदर्शन या इस्तेमाल, दोपहिया वाहन पर पीछे बैठकर सवारी करना, गाड़ियों पर टिंटेड शीशे लगाना और बिना रजिस्ट्रेशन वाली मोटरसाइकिलें चलाना भी बैन है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट
गृह विभाग के विशेष सहायक बाबर खान यूसुफजई ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा, 'अगर 'फितना-अल-खवारिज' और 'फितना-अल-हिंदुस्तान' कोई भी गलत हरकत करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।' उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा बल ऐसी कोशिशों को नाकाम करने के लिए तैयार हैं और सभी संस्थाएं हाई अलर्ट पर हैं।
सरकार, प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों के लिए 'फितना-अल-खवारिज' शब्द का इस्तेमाल करती है, जबकि बलूचिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए 'फितना-अल-हिंदुस्तान' शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि पिछले हफ्ते बुधवार को बलूचिस्तान के बरखान जिले में एक अभियान के दौरान, एक मेजर-रैंक के अधिकारी समेत पांच सैनिक शहीद हो गए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल में चगाई जिले में तांबे और सोने के एक प्रोजेक्ट साइट पर काम कर रहे नौ लोगों की, अज्ञात हमलावरों द्वारा किए गए एक हथियारबंद हमले में हत्या कर दी गई थी।
पाकिस्तानी सेना ने मार गिए 35 विरोधी
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़ा अभियान चलाते हुए 35 विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया है। यह ऑपरेशन 13 मई से मंगला जरघून घर इलाके में जारी है। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान तीन बड़े कमांडरों को भी गिरफ्तार किया गया और कई ठिकानों को नष्ट किया गया। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े समूहों के खिलाफ चलाया गया।
