'पाकिस्तान अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक...', इंटेल प्रमुख तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान

गबार्ड ने कहा कि अमेरिकी खुफिया समुदाय का आकलन है कि अमेरिका पर हमला करने में सक्षम मिसाइलों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। अनुमानों के अनुसार, 2035 तक यह संख्या बढ़कर 16,000 से ज़्यादा होने की उम्मीद है, जो मौजूदा अनुमानित संख्या लगभग 3,000 से काफ़ी ज़्यादा है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस (DNI) की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने बढ़ती वैश्विक सुरक्षा खतरों को लेकर एक कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान को अमेरिका के सामने मौजूद सबसे बड़े परमाणु खतरों के तौर पर गिनाया है।

Tulsi Gabbard

DNI की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड (फाइल फोटो)

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ़ करते हुए उन्हें 'शांति का दूत' और 'दक्षिण एशिया का रक्षक' बताया था। उन्होंने फ़रवरी की शुरुआत में वॉशिंगटन में आयोजित 'बोर्ड ऑफ़ पीस' शिखर सम्मेलन में भारत से जुड़े विवादित संघर्ष-विराम के दावों को भी फिर से उठाया था।

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